अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हालिया बयानों से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मच गई है। वेनेज़ुएला के बाद अब मैक्सिको में ज़मीनी हमले की बात से अमेरिका–मैक्सिको संबंधों में तनाव बढ़ गया है।

डोनाल्ड ट्रम्प ने एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका अब मैक्सिको में ड्रग तस्करी करने वालों के खिलाफ ज़मीन पर सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है। ट्रम्प का दावा है कि ड्रग कार्टेल्स मैक्सिको पर हावी हैं और हर साल अमेरिका में लाखों लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं।
समुद्री रास्ते बंद, अब ज़मीनी रास्तों पर ध्यान
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ने समुद्री रास्तों से होने वाली ड्रग तस्करी को काफी हद तक रोक लिया है, और अब ज़मीनी रास्तों पर फोकस किया जाएगा। उनके अनुसार, ड्रग कार्टेल्स सिर्फ अपराध ही नहीं बल्कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा हैं।
मैक्सिको का जवाब
ये बयान ऐसे समय आए हैं जब मैक्सिको सरकार ने दावा किया है कि देश में हत्या की दर में करीब 40% की कमी आई है। मैक्सिको का कहना है कि वह संगठित अपराध के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर रहा है और किसी भी विदेशी सैन्य दखल की जरूरत नहीं है।
इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
सुरक्षा को लेकर सहयोग
इस मुद्दे पर मैक्सिको की नई राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबाम ने बहुत साफ रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि मैक्सिको सुरक्षा मामलों में अमेरिका के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है, लेकिन यह सहयोग आपसी सम्मान, बराबरी और देश की संप्रभुता की सीमाओं के भीतर होना चाहिए।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मैक्सिको किसी भी एकतरफा अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को स्वीकार नहीं करेगा। शेनबाम ने यह भी कहा कि मैक्सिको एक स्वतंत्र और संप्रभु देश है, जहां शासन जनता करती है, न कि कोई विदेशी ताकत।
ड्रग तस्करी के खिलाफ लड़ाई में अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है, लेकिन यह सहयोग दखल या दबाव के आधार पर नहीं हो सकता।
मादुरो पर भी गंभीर आरोप
डोनाल्ड ट्रम्प ने वेनेज़ुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। ट्रम्प का कहना है कि मादुरो की सरकार ड्रग कार्टेल्स की मदद करती है।
वेनेज़ुएला के बाद अब मैक्सिको को लेकर दिए गए इन बयानों पर पूरी दुनिया की नजर टिकी है कि क्या ये सिर्फ बयान रहेंगे या वास्तविक कार्रवाई तक पहुंचेंगे।
