मकर संक्रांति के दौरान गुजरात में पतंग की खतरनाक डोर से कुल 5439 पक्षी घायल हुए। इनमें से 4937 पक्षियों (लगभग 91%) को बचा लिया गया, जबकि 9 प्रतिशत पक्षियों की मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, करुणा अभियान के तहत पिछले 9 वर्षों में गुजरात में 1.03 लाख पशु-पक्षियों का रेस्क्यू किया गया है और सभी को उचित उपचार देकर बचाया गया है।

हेल्पलाइन ‘1962’ द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वर्ष की तुलना में पशुओं से जुड़े आपात मामलों में 25% की कमी आई है, जबकि पक्षियों से जुड़े आपात मामलों में सामान्य दिनों की तुलना में 1669% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
जिला स्तर पर देखें तो आपात मामलों में:
- अहमदाबाद में 85%
- अरवल्ली में 103%
- सूरत में 75%
- जामनगर में 54%
की वृद्धि दर्ज की गई।
अहमदाबाद में सामान्य दिनों में पशु-पक्षियों से जुड़े 101 आपात कॉल आते हैं, जबकि उत्तरायण के दिन 186 कॉल्स दर्ज किए गए। इनमें 107 पशु घायल और 79 पक्षी घायल होने के मामले शामिल हैं। अगले दो दिनों में पक्षियों के घायल होने के मामलों में और बढ़ोतरी की संभावना है।
✈️ एयरपोर्ट के रनवे से हटाए गए 5000 पतंग
अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उत्तरायण के दौरान रनवे पर पतंग आने से विमान के टेक-ऑफ और लैंडिंग में बाधा उत्पन्न हो रही थी। इसे रोकने के लिए 12 सदस्यों की एक विशेष टीम बनाई गई।
इस टीम ने रनवे से करीब 5000 पतंग हटाए, जिससे विमान सेवाएं बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से चलती रहीं।
