सूरत के सिटीलाइट इलाके में रहने वाले एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के साथ शेयर बाजार में 10 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर ठगी किए जाने का मामला सामने आया है।
इस मामले में सूरत साइबर सेल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह का भंडाफोड़ किया है। खास बात यह रही कि ऑनलाइन ठगी के एक मामले में पहली बार बैंक मैनेजर की गिरफ्तारी की गई है।
साइबर सेल ने कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें बंधन बैंक का सेल्स मैनेजर, इंडसइंड बैंक का मैनेजर और एक अन्य आरोपी शामिल है। यह गिरफ्तारी 42.48 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में हुई है।
जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने एजेंटों के जरिए 50 से अधिक करंट अकाउंट खुलवाए थे। ठगी की रकम इन्हीं खातों में ट्रांसफर की जाती थी। बताया जा रहा है कि इस पूरे चिटिंग रैकेट में बैंक मैनेजर को करीब 60 हजार रुपये की कमीशन राशि मिली थी।
पीड़ित से करीब एक महीने पहले शेयर बाजार में 10% मुनाफे का झांसा देकर 42.48 लाख रुपये हड़प लिए गए थे। इस मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी थी, जिसके बाद अब इंडसइंड बैंक के मैनेजर और बंधन बैंक के सेल्स मैनेजर समेत तीन लोगों को पकड़ा गया है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इन करंट खातों के जरिए साइबर फ्रॉड की करोड़ों रुपये की रकम का लेन-देन हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह की ठगी का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल चंपक मिस्त्री, मिलन जयंती सांगाणी और उर्विश संजय नसीत के रूप में हुई है।
