Cheque Bounce Case Online Payment
चेक बाउंस मामलों के बढ़ते बोझ और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। आज से नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत दर्ज चेक रिटर्न मामलों में ऑनलाइन भुगतान की नई प्रणाली लागू कर दी गई है।
पूरे गुजरात में सबसे पहले अहमदाबाद की चेक रिटर्न कोर्ट्स में यह नई व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत अब पक्षकार QR कोड स्कैन कर तुरंत भुगतान कर सकते हैं, जिससे मौके पर ही विवाद सुलझाकर केस का त्वरित निपटारा संभव होगा।
यह नई प्रणाली अहमदाबाद शहर की चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट के अंतर्गत आने वाली सभी चेक रिटर्न कोर्ट्स में हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस इलेश वोरा के मार्गदर्शन में शुरू की गई है।
अपनाबाजार भवन की सभी 25 कोर्ट्स में लागू हुई नई व्यवस्था
अहमदाबाद के लाल दरवाजा क्षेत्र स्थित अपनाबाजार बहुमंजिला भवन में चेक रिटर्न की कुल 21 फिजिकल और 4 ऑनलाइन कोर्ट्स, यानी कुल 25 कोर्ट्स कार्यरत हैं। अब इन सभी कोर्ट्स में ऑनलाइन भुगतान की सुविधा उपलब्ध हो गई है, जिससे न केवल पक्षकारों का कीमती समय बचेगा बल्कि भुगतान तुरंत होने से केस का शीघ्र निपटारा भी हो सकेगा।
लाखों पेंडिंग केसों के निपटारे में मिलेगी मदद
चेक बाउंस के लाखों लंबित मामलों के समाधान में यह प्रणाली बेहद उपयोगी साबित होगी। वास्तव में, सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने एक फैसले में जिला अदालतों को निर्देश दिए थे कि समन के स्तर पर ही आरोपी को ऑनलाइन भुगतान का विकल्प दिया जाए, ताकि समय रहते समझौता हो सके और केस का निपटारा तेज हो।
सीधे बैंक खाते में भुगतान, बढ़ेगी पारदर्शिता
इस नई प्रणाली के तहत, आरोपी या पक्षकार SBI कलेक्ट के माध्यम से निर्धारित बैंक खाते में सीधे चेक की राशि जमा कर सकता है। भुगतान होते ही कोर्ट बैंकिंग सिस्टम के जरिए लेन-देन की पुष्टि कर समझौते और केस के निपटारे का आदेश तुरंत पारित कर सकती है।
यह व्यवस्था पारदर्शी, सुरक्षित और ऑडिट-फ्रेंडली है क्योंकि सभी लेन-देन कोर्ट के आधिकारिक बैंक खाते से होते हैं और कानूनी रजिस्टरों में दर्ज किए जाते हैं।
हर महीने 10–15 हजार नए केस होते हैं दर्ज
गुजरात बार काउंसिल की फाइनेंस कमिटी के चेयरमैन अनिल सी. केल्ला के अनुसार, अहमदाबाद की 25 चेक रिटर्न कोर्ट्स में फिलहाल 4 लाख से अधिक मामले लंबित हैं और हर महीने करीब 10 से 15 हजार नए केस दर्ज होते हैं। चूंकि इन मामलों का मूल विवाद भुगतान से जुड़ा होता है, इसलिए यह नई ऑनलाइन प्रणाली तत्काल और प्रभावी समाधान प्रदान करेगी।
