नई दिल्ली:
अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्रि कझगम (TVK) को चुनाव आयोग द्वारा ‘व्हिसल (सीटी)’ चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाने से उनके प्रशंसकों और राजनीतिक समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। यह चुनाव चिन्ह विजय की 2019 की सुपरहिट फिल्म ‘बिगिल’ से गहराई से जुड़ा माना जा रहा है, जिसका अर्थ ही ‘सीटी’ होता है। इस फिल्म ने दुनियाभर में करीब 300 करोड़ रुपये की कमाई की थी और विजय के करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया था।
एटली द्वारा निर्देशित ‘बिगिल’ एक ऐसे फुटबॉलर की कहानी है, जो अपने पिता की हत्या के बाद अपना सपना छोड़ देता है, लेकिन बाद में एक महिला फुटबॉल टीम का कोच बनता है। फिल्म का मशहूर डायलॉग “कप मुक्कियम बिगिलु” (कप जीतना सबसे जरूरी है) आज भी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय है।
टीम विजय के एक सदस्य ने कहा,
“व्हिसल विजय के फैंस और समर्थकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। यह आम लोगों से भी जुड़ेगा। हम बहुत खुश हैं।”

यह चुनाव चिन्ह विजय की एक और हिट फिल्म ‘GOAT’ के लोकप्रिय गाने ‘Whistle Podu’ से भी मेल खाता है। विजय के प्रशंसक दिव्यान ने कहा,
“खेल के मैदान में गलत खेल होने पर सीटी बजती है। यह व्हिसल चिन्ह गलत के खिलाफ आवाज बनेगा। हम सभी व्हिसल ब्लोअर बनेंगे।”
विजय की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है, खासकर युवाओं के बीच। वह 1966 में अन्नादुरै और 1977 में एमजीआर की तरह सत्ता में आने का सपना देख रहे हैं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब विजय की विदाई फिल्म ‘जन नायकन’, जो पोंगल से पहले रिलीज़ होनी थी, अभी तक सेंट्रल फिल्म सर्टिफिकेशन बोर्ड से मंजूरी न मिलने के कारण अटकी हुई है। मद्रास हाई कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
वहीं, पिछले साल करूर में विजय की रैली के दौरान हुई भगदड़ में 41 लोगों की मौत के मामले में CBI जांच चल रही है। विजय को इस मामले में दिल्ली स्थित CBI मुख्यालय में दो बार पूछताछ के लिए बुलाया जा चुका है।
हालांकि विजय ने कहा है कि अगर उन्हें अच्छे सीट आंकड़े मिलते हैं तो वह सत्ता में साझेदारी के लिए तैयार हैं, लेकिन अब तक कोई बड़ी पार्टी उनके साथ नहीं जुड़ी है। विपक्षी AIADMK और उसकी सहयोगी BJP उन्हें NDA के समर्थन में लाने की कोशिश कर रही हैं। विजय ने DMK को अपना राजनीतिक दुश्मन और BJP को वैचारिक दुश्मन बताते हुए भाजपा से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष गठबंधन से इनकार कर दिया है।
इस बीच DMK और कांग्रेस का आरोप है कि विजय पर भाजपा द्वारा दबाव बनाया जा रहा है, हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है। ज़मीनी स्तर पर, तीन लगातार चुनाव जीत चुकी DMK ने अपना गठबंधन बरकरार रखा है, जबकि AIADMK ने BJP के साथ फिर से रिश्ते मजबूत किए हैं।
अब तमिलनाडु की राजनीति में ‘व्हिसल’ के सामने DMK के ‘उगते सूरज’ और AIADMK के ‘दो पत्तों’ को चुनौती देने की बड़ी परीक्षा है।
