12 फरवरी को कर्नाटक में भारत बंद: क्या स्कूल, बैंक और सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद?

केंद्र सरकार के चार नए श्रम कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर ट्रेड यूनियनों ने देशव्यापी भारत बंद का आह्वान किया है। इसके चलते गुरुवार को कर्नाटक में जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है। किसान संगठनों और वाम दलों के समर्थन से बैंकिंग, परिवहन और कई दैनिक सेवाओं पर असर पड़ सकता है।

बेंगलुरु से लेकर मैसूरु, हुबली से मंगलुरु तक लोगों को पहले से योजना बनाने की सलाह दी गई है, क्योंकि देरी, बंद और प्रदर्शन दैनिक दिनचर्या को प्रभावित कर सकते हैं।

भारत बंद क्यों बुलाया गया है?

यह देशव्यापी हड़ताल केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार श्रम संहिताओं (Labour Codes) के विरोध में बुलाई गई है। इन कानूनों ने 29 पुराने श्रम कानूनों की जगह ली है और इन्हें नियोक्ताओं के लिए नियम सरल बनाने के उद्देश्य से लागू किया गया था।

हालांकि, ट्रेड यूनियनों का आरोप है कि ये बदलाव कंपनियों के पक्ष में हैं और मजदूरों के हितों को कमजोर करते हैं।

यूनियन नेताओं के अनुसार नए कानून:

  • श्रमिकों के अधिकार कमजोर करते हैं
  • कानूनी सुरक्षा कम करते हैं
  • नियुक्ति और बर्खास्तगी को आसान बनाते हैं
  • असंगठित क्षेत्र के कई मजदूरों को कानूनी दायरे से बाहर रखते हैं

उनका कहना है कि इससे नौकरी की सुरक्षा, वेतन और सामाजिक लाभ प्रभावित हो सकते हैं।

कर्नाटक में कौन समर्थन कर रहा है?

इस बंद को कई प्रमुख ट्रेड यूनियनों और राजनीतिक दलों का समर्थन मिला है।

मुख्य संगठन:

  • CITU
  • AITUC
  • INTUC
  • HMS
  • AICCTU
  • LPF
  • UTUC

इसके अलावा किसान संगठन यूनाइटेड किसान मोर्चा (SKM) भी समर्थन कर रहा है।

राज्य के कई जिलों में रैलियां, प्रदर्शन और सड़क जाम की योजना है।

क्या-क्या बंद रह सकता है?

हालांकि पूर्ण बंद की संभावना नहीं है, लेकिन कई सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं:

  • स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान
  • बैंक और डाकघर
  • सरकारी कार्यालय और सार्वजनिक उपक्रम
  • KSRTC बसें और कुछ स्थानीय परिवहन सेवाएं
  • कई इलाकों में दुकानें और बाजार
  • कुछ क्षेत्रों में पेट्रोल पंप
  • औद्योगिक इकाइयां और फैक्ट्रियां

बेंगलुरु सहित बड़े शहरों में ट्रैफिक पर भी असर पड़ सकता है।

क्या-क्या खुला रहेगा?

आवश्यक सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहने की उम्मीद है:

  • अस्पताल, एंबुलेंस और दवाइयों की दुकानें
  • पानी और बिजली आपूर्ति
  • फायर और आपातकालीन सेवाएं
  • हवाई अड्डे और उड़ानें
  • ट्रेन सेवाएं (हालांकि देरी संभव)
  • निजी कार्यालय (कम स्टाफ के साथ)
  • ऑनलाइन डिलीवरी और ई-कॉमर्स सेवाएं

प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि आपातकालीन सेवाएं बाधित नहीं होंगी।

लोगों को क्या करना चाहिए?

पूरे राज्य में आंशिक व्यवधान की संभावना है। खासकर परिवहन और बैंकिंग सेवाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं।

यदि आपकी यात्रा या बैंक से जुड़ा कोई काम है, तो पहले से योजना बनाएं या समय से पहले पूरा करें। अनावश्यक यात्रा से बचना और अतिरिक्त समय रखना बेहतर रहेगा।

गुरुवार का दिन सामान्य से धीमा हो सकता है, क्योंकि ट्रेड यूनियनें अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रही हैं।

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