ईडी की छापेमारी पर ममता बनर्जी का तीखा पलटवार, गृह मंत्रालय के खिलाफ TMC सांसदों का विद्रोह

कोलकाता।
पश्चिम बंगाल में केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आमने-सामने आ गई हैं। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़ी राजनीतिक कंसल्टेंसी कंपनी आई-पैक (I-PAC) के कार्यालय पर ईडी की छापेमारी के दौरान भारी विवाद खड़ा हो गया। हालात तब और तनावपूर्ण हो गए जब खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी छापे के दौरान मौके पर पहुंचीं और पार्टी से जुड़े दस्तावेज व डिजिटल सामग्री साथ ले गईं।

यह पूरा मामला कलकत्ता हाईकोर्ट तक पहुंचा, लेकिन शुक्रवार को कोर्टरूम में भारी भीड़ और हंगामे के कारण सुनवाई टाल दी गई। इस बीच ममता बनर्जी ने कोलकाता में ईडी और भाजपा के खिलाफ बड़ी रैली भी निकाली।

45 करोड़ रुपये का शराब घोटाला और आई-पैक का कनेक्शन

ईडी का आरोप है कि दिल्ली शराब घोटाले के करीब 45 करोड़ रुपये राजनीतिक रणनीति बनाने वाली कंपनी आई-पैक तक पहुंचे। आई-पैक ने गोवा में आम आदमी पार्टी के चुनावी प्रचार का काम संभाला था और आरोप है कि उसी दौरान घोटाले की रकम का इस्तेमाल हुआ। इसी मामले की जांच के तहत ईडी ने बंगाल में टीएमसी के लिए काम कर रही आई-पैक की ऑफिस पर छापा मारा।

छापे के दौरान ममता की एंट्री, ईडी पर गंभीर आरोप

ईडी की कार्रवाई के दौरान ममता बनर्जी अचानक मौके पर पहुंचीं और कई फाइलें व पेनड्राइव अपने साथ ले गईं। ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा, ईडी के जरिए टीएमसी की चुनावी रणनीति और गोपनीय जानकारियां चुराना चाहती है। इन आरोपों के साथ ममता बनर्जी ने ईडी अधिकारियों के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज करवाई हैं।

हाईकोर्ट में टकराव, CBI जांच की मांग

दूसरी ओर ईडी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने जांच में बाधा डाली और महत्वपूर्ण सबूत साथ ले गईं। ईडी ने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की।
हालांकि सुनवाई से पहले ही कोर्टरूम में भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे न्यायाधीश शुभ्रा घोष नाराज हो गईं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पांच मिनट में भीड़ नहीं हटी तो सुनवाई नहीं होगी। स्थिति नहीं संभलने पर अंततः सुनवाई स्थगित कर दी गई। बताया जा रहा है कि कोर्ट में बड़ी संख्या में टीएमसी समर्थक मौजूद थे, जिससे कई वकीलों को बाहर खड़ा रहना पड़ा।

दिल्ली से कोलकाता तक विरोध प्रदर्शन

इस बीच टीएमसी सांसदों ने दिल्ली में गृह मंत्रालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। महुआ मोइत्रा और डेरेक ओ’ब्रायन सहित कई सांसदों को पुलिस ने हिरासत में लेकर वहां से हटाया। वहीं कोलकाता में ममता बनर्जी ने ईडी और भाजपा के खिलाफ सड़क पर उतरकर शक्ति प्रदर्शन किया।

ईडी की छापेमारी और मुख्यमंत्री की सीधी दखलअंदाजी के चलते बंगाल की राजनीति में सर्द मौसम के बावजूद जबरदस्त गर्माहट आ गई है। आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज होने के आसार हैं।

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