सोना-चांदी के दाम गिरे: रिकॉर्ड ऊंचाई से क्यों फिसले कीमती धातु?

दिल्ली में गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली और भू-राजनीतिक तनावों में नरमी के चलते कीमती धातुओं के दाम नीचे आए। 2026 की शुरुआत से ही बढ़ते वैश्विक तनावों और सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) की मांग के कारण सोना-चांदी लगभग हर दूसरे सत्र में नए रिकॉर्ड बना रहे थे।

सोने के दाम में गिरावट
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, 24 कैरेट (99.9% शुद्धता) सोने की कीमत 1.5% यानी ₹2,500 गिरकर ₹1,57,200 प्रति 10 ग्राम रह गई। इससे पहले बुधवार को सोना अपने अब तक के सर्वोच्च स्तर ₹1,59,700 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

चांदी में तेज गिरावट
वहीं, चांदी की कीमतों में 4.3% यानी ₹14,300 की बड़ी गिरावट आई और यह ₹3,20,000 प्रति किलोग्राम पर आ गई। इससे पहले चांदी ₹3,34,300 प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी और लगातार नौ दिनों की तेजी का सिलसिला टूट गया।

🔹 सोना-चांदी क्यों गिरे?

लगातार खरीदारी, कमजोर होती मुद्राएं, शेयर बाजारों में गिरावट और अमेरिकी राष्ट्रपति के ग्रीनलैंड को लेकर दिए गए बयानों से जुड़े टैरिफ खतरे के कारण सोना-चांदी में तेज उछाल देखा गया था। लेकिन गुरुवार को मुनाफावसूली शुरू हो गई। इसके अलावा, वैश्विक संकेत भी नरम पड़े जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ लगाने की धमकी वापस ले ली और ग्रीनलैंड को लेकर किसी संभावित समझौते का संकेत दिया।

वैश्विक स्तर पर कमजोर सेंटिमेंट और निवेशकों की मुनाफावसूली के चलते सोना और चांदी दोनों में गिरावट आई। इस दौरान प्रीशियस मेटल्स से जुड़े एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में भी 15% तक की गिरावट देखी गई। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि ETFs की कीमतें फिजिकल मार्केट की तुलना में अधिक अस्थिर होती हैं और संवेदनशील हालात में ज्यादा उतार-चढ़ाव दिखाती हैं।

🔹 फ्यूचर्स मार्केट का हाल

फरवरी डिलीवरी वाले सोने के फ्यूचर्स गुरुवार को MCX पर गिरकर ₹1,48,777 प्रति 10 ग्राम के इंट्रा-डे लो तक पहुंच गए, जबकि बुधवार को यह ₹1,58,475 प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर पर थे।

मार्च एक्सपायरी वाली चांदी के फ्यूचर्स भी गिरकर MCX पर ₹3,04,039 प्रति किलो के निचले स्तर तक आ गए। बुधवार को चांदी के फ्यूचर्स ₹3,35,521 प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे थे।

ऑगमोंट की रिसर्च हेड रेनिशा चैनानी के अनुसार,
“अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यूरोप पर नए टैरिफ की धमकी वापस लेने और ग्रीनलैंड पर नरम रुख अपनाने के बाद भू-राजनीतिक तनाव कुछ समय के लिए कम हुआ, जिससे सोना और चांदी में मुनाफावसूली देखने को मिली।”

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