Gujarat Budget 2026-27 : आज गुजरात का बजट, वित्त मंत्री लगातार 5वीं बार पेश करेंगे

Gujarat का वित्त वर्ष 2026-27 का बजट आज पेश किया जाएगा। राज्य के वित्त मंत्री Kanubhai Desai लगातार पांचवीं बार बजट प्रस्तुत कर इतिहास रचने जा रहे हैं। Gujarat Legislative Assembly के बजट सत्र के तीसरे दिन पेश होने वाला यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि आगामी चुनावों और बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को ध्यान में रखकर तैयार एक रणनीतिक ब्लूप्रिंट माना जा रहा है।

बजट का आकार: ₹4 लाख करोड़ का लक्ष्य

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार राज्य का बजट ₹4,00,000 करोड़ का आंकड़ा पार कर सकता है। इसका मुख्य कारण बढ़ता इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर जोर है।

आय और व्यय का गणित

आय के मुख्य स्रोत:

  • GST और अन्य कर: 43.22%
  • सार्वजनिक ऋण और लोन वसूली: 30.47%
  • केंद्रीय करों में हिस्सा: 13.47%
  • केंद्रीय अनुदान: 11.97%

खर्च का वितरण:

  • विकास व्यय: 65.57% (शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग)
  • गैर-विकास व्यय: 23.45% (प्रशासनिक खर्च)
  • कर्ज भुगतान: 9.16%
  • ऋण और अग्रिम: 1.31%

इन क्षेत्रों पर विशेष फोकस संभव

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की तैयारी:
स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टेडियम आधुनिकीकरण के लिए बड़ी राशि आवंटित हो सकती है। Commonwealth Games की मेजबानी की तैयारी के तहत योजनाएं बन रही हैं।

मेट्रो कनेक्टिविटी:
Ahmedabad-Gandhinagar के बाद अब Surat और अन्य शहरों में विस्तार के लिए बजट प्रावधान संभव है।

ग्रीन एनर्जी:
Kutch और Banaskantha में रिन्यूएबल एनर्जी पार्क, सोलर पैनल और ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के लिए नई सब्सिडी योजनाएं आ सकती हैं।

शहरी विकास:
स्मार्ट सिटी, फ्लाईओवर और शहरी परियोजनाओं को नगर निकाय चुनावों के मद्देनजर प्राथमिकता मिल सकती है।

कृषि राहत:
किसानों को ब्याज सहायता, ड्रोन तकनीक और एग्री-टेक को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज संभव है।

‘ग्रीन ग्रोथ’ पर जोर

सरकार नेट-जीरो लक्ष्य हासिल करने के लिए बड़े निवेश की घोषणा कर सकती है। सार्वजनिक परिवहन में 100% इलेक्ट्रिक बसें लाने की योजना भी बजट का हिस्सा बन सकती है।

ओलंपिक और कॉमनवेल्थ मिशन 2030/2036

राज्य 2030 कॉमनवेल्थ और 2036 Olympic Games की मेजबानी के लिए बोली की तैयारी कर रहा है।
Naranpura और Motera क्षेत्र को वर्ल्ड-क्लास स्पोर्ट्स डिस्ट्रिक्ट बनाने के लिए ₹2,000-₹5,000 करोड़ का प्रावधान संभव है।

सेमीकंडक्टर हब और GIFT City विस्तार

Sanand और Dholera में सेमीकंडक्टर परियोजनाओं के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश बढ़ाया जाएगा।
GIFT City के दूसरे चरण और अंतरराष्ट्रीय फिनटेक विश्वविद्यालयों के लिए भूमि व सब्सिडी की घोषणा संभव है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में PM-JAY विस्तार

Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana (PM-JAY) के तहत अधिक बीमारियों को कवर करने और आदिवासी क्षेत्रों में नई मेडिकल कॉलेज स्थापित करने पर जोर दिया जा सकता है।

ड्रोन और एग्री-टेक

नैनो यूरिया और ड्रोन स्प्रे तकनीक के लिए सहकारी संस्थाओं को विशेष अनुदान दिए जाने की संभावना है।

आर्थिक चुनौती: बढ़ता कर्ज

राज्य का सार्वजनिक ऋण 2025-26 के अंत तक लगभग ₹3.99 लाख करोड़ था। बजट आकार बढ़ने के साथ यह ₹4.50 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। सरकार की कुल आय का 15-18% हिस्सा केवल ब्याज भुगतान में जा रहा है, जो एक बड़ी वित्तीय चुनौती है।

यह बजट “विकसित गुजरात @ 2047” के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *