🚨 गुजरात बना ड्रग्स का हब, 6 साल में 1.30 लाख किलो नशीला पदार्थ जब्त

Gujarat Emerges as Drug Hub: गुजरात अब ड्रग्स लैंडिंग माफियाओं का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। वर्ष 2020 से 2025 के बीच गुजरात से 1.30 लाख किलो से अधिक ड्रग्स जब्त किए गए हैं। इसमें 71,487 किलो गांजा, 56,477 किलो अफीम, 204 किलो कोकीन और 2,047 किलो सिंथेटिक ड्रग्स शामिल हैं।

⚓ गुजरात के पोर्ट और समुद्री तट बने तस्करी के केंद्र

कांडला, मुंद्रा, पीपावाव, गांधीधाम और पोरबंदर जैसे बंदरगाह अब ड्रग माफियाओं के पसंदीदा ठिकाने बन गए हैं। अंतरराष्ट्रीय ड्रग गिरोहों ने गुजरात के पोर्ट और समुद्री सीमा को तस्करी का मुख्य रूट बना लिया है।

ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से आने वाले ड्रग्स गुजरात की समुद्री सीमा में दाखिल होते हैं और फिर देश के अन्य हिस्सों में सप्लाई किए जाते हैं।

🌍 अफगानिस्तान से आने वाला चरस और ‘शुगर कोकीन’ हाई क्वालिटी का

सूत्रों के मुताबिक, गुजरात के तट से गुजरने वाले ड्रग्स को कई बार समुद्र के बीच ही दूसरे जहाजों में ट्रांसफर कर दिया जाता है या फिर निजी जगहों पर छिपाया जाता है।

अफगानिस्तान से आने वाला चरस और शुगर कोकीन बेहद उच्च गुणवत्ता का होता है, जिसे ईरान और कराची के रास्ते गुजरात से होकर अन्य देशों तक पहुंचाया जाता है।

👥 युवाओं में बढ़ रही नशे की लत

जानकारों का कहना है कि दिखावे की संस्कृति और सामाजिक कारणों की वजह से गुजरात के युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है। घर से दूर रहने वाले कई युवक-युवतियां गलत संगत में पड़कर नशे की ओर बढ़ जाते हैं।

नार्कोटिक्स पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2025-26 में गुजरात को ₹4.26 करोड़ की आर्थिक सहायता दी है।

💊 ड्रग्स के प्रमुख प्रकार

• अफीम आधारित: हेरोइन, अफीम, मॉर्फिन, पॉपी स्ट्रॉ, कोकीन
• गांजा आधारित: गांजा, हशीश, हशीश ऑयल
• सिंथेटिक ड्रग्स: ATS, MDMA, मेथाक्वालोन, मेस्केलिन, LSD, मेफेड्रोन, केटामाइन

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