ईरान युद्ध के बीच हमास की वापसी, ट्रम्प-नेतन्याहू के लिए नई चुनौती

Hamas Resurfaces Amid Iran War:
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच Hamas ने एक बार फिर सिर उठाया है, जिससे Donald Trump और Benjamin Netanyahu की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

इजरायल का दावा था कि उसने हमास को पूरी तरह खत्म कर दिया है, लेकिन अब संगठन के सशस्त्र विंग के प्रवक्ता Abu Obaida के बयान ने हालात बदल दिए हैं।


⚠️ हथियार डालने से इनकार

ट्रम्प द्वारा पेश किए गए 20 सूत्रीय शांति प्रस्ताव में हमास के निरस्त्रीकरण की प्रमुख शर्त रखी गई थी।

लेकिन अबू ओबैदा ने साफ कहा है कि जब तक Gaza Strip से इजरायल पूरी तरह पीछे नहीं हटता, तब तक हथियार डालना “बेहद खतरनाक” होगा और इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।


🔥 30 महीने बाद भी मजबूत हमास

अक्टूबर 2023 के हमले के बाद Israel ने दावा किया था कि हमास को जड़ से खत्म कर दिया जाएगा।

लेकिन 30 महीने के युद्ध के बाद भी हमास न केवल सक्रिय है, बल्कि अपनी शर्तों पर अड़ा हुआ है। गाजा के टनल नेटवर्क से बाहर आकर संगठन ने अपनी सैन्य क्षमता बरकरार होने का संकेत दिया है।


🌍 ‘पाताल से वापसी’ का दावा

इजरायल और अमेरिका यह प्रचार कर रहे थे कि हमास खत्म हो चुका है, लेकिन अबू ओबैदा के बयान ने इस दावे को चुनौती दी है।

हमास ने मध्यस्थ देशों को स्पष्ट कर दिया है कि जब तक इजरायल की पूरी वापसी की गारंटी नहीं मिलेगी, कोई समझौता नहीं होगा।


💥 गाजा का मुद्दा फिर गरमाया

अक्टूबर 2023 से अब तक गाजा में 72,000 से ज्यादा लोगों की मौत और 1,72,000 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं।

हमास ने इजरायल पर “नरसंहार” जारी रखने का आरोप लगाया और Hezbollah तथा Houthi Movement के समर्थन की सराहना की।


🚨 ट्रम्प योजना के सामने बड़ी चुनौती

ट्रम्प प्रशासन की गाजा योजना का सबसे अहम हिस्सा हमास का निरस्त्रीकरण है।

लेकिन हमास के इस सख्त रुख ने इस योजना के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है, जिससे अमेरिका और Qatar जैसे मध्यस्थ देशों के लिए नई मुश्किलें पैदा हो गई हैं।

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