नई दिल्ली:
कई महीनों की बातचीत के बाद आखिरकार भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील हो गई है। कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसके बाद दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया पर इस समझौते की घोषणा की।
हालांकि, डोनाल्ड ट्रम्प के दो दावों ने भारत में चिंता बढ़ा दी है। इस मामले पर अभी तक भारत सरकार की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है।
भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा: ट्रम्प का दावा
अमेरिका ने भारत पर लगाया गया टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। इसके साथ ही राष्ट्रपति ट्रम्प ने दावा किया कि भारत अब रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा, जिससे यूक्रेन युद्ध रोकने में मदद मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ में भारी कटौती करेगा और ऊर्जा, तकनीक व कृषि जैसे क्षेत्रों में अमेरिकी सामानों के लिए भारतीय बाजार खोले जाएंगे। ट्रम्प के अनुसार, अमेरिका भारत में करीब 500 अरब डॉलर के उत्पाद बेचेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी ट्रेड डील को लेकर ट्वीट किया, लेकिन उन्होंने कहीं भी यह पुष्टि नहीं की कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेगा। कृषि उत्पादों को लेकर भी उनके बयान में कोई स्पष्टता नहीं थी।

भारत में बिकेंगे अमेरिकी कृषि उत्पाद: ट्रम्प का दावा
भारत और रूस दशकों से मित्र देश रहे हैं। ऐसे में ट्रम्प के इन बयानों पर रूस की प्रतिक्रिया भी अहम मानी जा रही है। वहीं, बातचीत के दौरान भारत की ओर से संकेत मिले थे कि सरकार डेयरी और कृषि क्षेत्रों को अमेरिका के लिए खोलने के पक्ष में नहीं है।
ऐसे में ट्रम्प की घोषणाओं से असमंजस की स्थिति बन गई है। अगर अमेरिकी कृषि उत्पाद भारत में आते हैं, तो इसका सीधा असर स्थानीय किसानों और कारोबारियों पर पड़ सकता है।
फिलहाल इस पूरे मामले पर भारत सरकार, किसी अधिकारी या विदेश मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
