📰 कोरियन लव गेम: भारतीय टीनएजर्स के लिए एक और जानलेवा खेल

के-पॉप और के-ड्रामा का क्रेज रखने वाली जेन-ज़ी और टीनएजर्स पीढ़ी को एक बार फिर आत्मघाती प्रवृत्ति की ओर धकेलने की खतरनाक साजिश की आशंका जताई जा रही है।

यह एक कोरियन स्टाइल की ऑनलाइन लव-टास्क आधारित गेम है। इस गेम में यूज़र एक वर्चुअल लवर या पार्टनर से जुड़ जाता है। वे कोरियन स्टाइल में बातचीत करते हैं, रोमांटिक मैसेज भेजते हैं और रोज़ाना एक नया टास्क दिया जाता है। जैसे-जैसे गेम आगे बढ़ती है, टास्क और अधिक कठिन होते जाते हैं। शुरुआत में छोटे-मोटे काम दिए जाते हैं।

चूंकि यह गेम बच्चे और टीनएजर्स अधिक खेलते हैं, वे भावनात्मक और रोमांटिक बातों में उलझ जाते हैं। उन्हें लगने लगता है कि उन्हें सच्चा प्यार हो गया है और उसे पाने के लिए गेम के टास्क पूरे करना ज़रूरी है। धीरे-धीरे इस गेम की लत बढ़ती जाती है और खतरा भी गहराता जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कोरियन लव गेम्स, इमोशनल या रोमांटिक टास्क आधारित गेम्स बेहद खतरनाक और जानलेवा साबित हो सकती हैं। इनमें गहरा भावनात्मक जुड़ाव बन जाता है और सामने वाला व्यक्ति किसी भी तरह का काम करवाने लगता है। यह घटना बेहद दुखद है और समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी (रेड अलर्ट) के समान है।

गाजियाबाद की भारत सिटी सोसायटी में आधी रात करीब दो बजे तीन सगी बहनों ने ऐसा कदम उठाया, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। 12 वर्षीय पाखी, 14 वर्षीय प्राची और 16 वर्षीय विशिका — तीनों बहनें एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नौवीं मंज़िल की बालकनी से कूद गईं। उनकी चीखें पूरी सोसायटी में गूंज उठीं और सुबह होते-होते पूरा देश स्तब्ध रह गया।

पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें लिखा था—
“मम्मी-पापा सॉरी… अब आपको समझ आएगा कि हम गेम से कितना प्यार करते हैं — कोरियन लव गेम।”

परिवार के अनुसार, तीनों बहनें बेहद करीब थीं। कोरोना काल में स्कूल बंद होने के कारण वे ज़्यादातर समय मोबाइल और ऑनलाइन गेम्स में बिताने लगीं। पिता ने कई बार फोन छीनने और गेम डिलीट करने की कोशिश की, लेकिन तब तक तीनों को गेम की खतरनाक लत लग चुकी थी।

विशेषज्ञों के मुताबिक, कोरियन लव गेम कोई साधारण मोबाइल गेम नहीं है। यह एक ऑनलाइन रोमांटिक-टास्क आधारित गेम है, जिसमें यूज़र को वर्चुअल “कोरियन लवर” से जोड़ा जाता है। शुरुआत में चैटिंग, फोटो भेजना जैसे छोटे टास्क दिए जाते हैं, लेकिन धीरे-धीरे ये टास्क बेहद निजी और खतरनाक हो जाते हैं।

आगे चलकर खुद को नुकसान पहुंचाने और यहां तक कि जान देने जैसे टास्क भी दिए जाते हैं। माना जा रहा है कि इस गेम में कुल 50 टास्क होते हैं, जिनमें अंतिम यानी 50वां टास्क आत्महत्या जैसा घातक कदम हो सकता है — बिल्कुल ब्लू व्हेल गेम की तरह।

चिंताजनक बात यह है कि ऐसी गेम्स मुख्य रूप से बच्चों, टीनएजर्स और 20–22 साल तक के युवाओं को निशाना बनाती हैं। भावनात्मक बातचीत और नकली प्रेम के जाल में फंसकर बच्चे यह मानने लगते हैं कि टास्क पूरा करना ही सच्चे प्यार की पहचान है।

धीरे-धीरे यह आदत मानसिक नियंत्रण छीन लेती है। गाजियाबाद मामले में भी माना जा रहा है कि तीनों बहनें आपस में टास्क साझा कर रही थीं और इसी वजह से उन्होंने यह सामूहिक कदम उठा लिया।

विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यह केवल गेम नहीं, बल्कि खतरनाक ऑनलाइन एडिक्शन है। भारत में पहले भी ब्लू व्हेल, मोमो चैलेंज, जोनाथन गैलिंडो, एफ57 ग्रुप जैसी डिजिटल चुनौतियों के कारण कई बच्चों ने जान गंवाई है।

अब कोरियन लव गेम जैसी इमोशनल और रोमांटिक टास्क आधारित गेम्स और भी ज्यादा घातक साबित हो रही हैं, क्योंकि इनमें भावनात्मक बॉन्डिंग बनाकर बच्चों से कुछ भी करवाया जा सकता है।

कई बच्चे गुप्त रूप से कोरियन भाषा सीखकर माता-पिता से छिपकर चैट करने लगे हैं, जिससे उनका व्यवहार समझ पाना और मुश्किल हो जाता है।

यह घटना समाज के लिए चेतावनी है। माता-पिता, शिक्षक और अभिभावकों को बच्चों के मोबाइल उपयोग, उनके ऑनलाइन व्यवहार और बदलते स्वभाव पर नजर रखना बेहद जरूरी है। स्मार्टफोन का अनियंत्रित इस्तेमाल बच्चों को मौत के करीब ले जा सकता है।

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