📰 मणिपुर राजनीति में हलचल तेज, राष्ट्रपति शासन खत्म होने के संकेत

मणिपुर की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। 20 से ज्यादा भाजपा विधायक दिल्ली पहुंचे हैं, जहां वे पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। उनके साथ मणिपुर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अधिकारीमायुम शारदा देवी भी मौजूद हैं।

उन्होंने कहा,
“राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सभी विधायकों को बुलाया गया है। हमें उम्मीद है कि राज्य में जल्द ही जन-सरकार बनेगी।”

गौरतलब है कि मणिपुर में राष्ट्रपति शासन 12 फरवरी को समाप्त हो रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने कहा,
“NDA के सभी सहयोगी दलों के विधायकों को बैठक में बुलाया गया है। हमें सकारात्मक नतीजों की उम्मीद है। इससे पहले भाजपा विधायकों की बैठक हो चुकी है।”

मुख्यमंत्री कौन बनेगा?

जब एन. बीरेन सिंह से पूछा गया कि अगर वे सत्ता में होते तो हालात अलग होते, उन्होंने कहा कि सरकार एक निरंतर प्रक्रिया है और उन्होंने पहाड़ी व घाटी दोनों क्षेत्रों में हालात सुधारने की पूरी कोशिश की।

लामसांग विधानसभा क्षेत्र के विधायक एस. राजन सिंह ने बताया कि सरकार गठन की संभावना है, लेकिन अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व राज्य की स्थिति का आकलन करने के बाद करेगा। बैठक सोमवार शाम होने की संभावना है।

विधायक एच. डिंगो ने कहा कि उन्हें दिल्ली पहुंचने का निर्देश मिला है, हालांकि बैठक का एजेंडा अभी स्पष्ट नहीं है।

उल्लेखनीय है कि मई 2023 से मणिपुर में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच हुई हिंसा में 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।

13 फरवरी 2025 को एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था। राज्य विधानसभा, जिसका कार्यकाल 2027 तक है, को निलंबित कर दिया गया।

60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में भाजपा के पास 37 विधायक हैं, जबकि NDA सहयोगी NPP के 6 और नागा पीपुल्स फ्रंट (NPF) के 5 विधायक हैं।

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