मिडिल ईस्ट युद्ध का असर: LPG संकट से PG और होस्टल में खाना बंद होने का खतरा

PG Hostel LPG Crisis:
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में पिछले कुछ दिनों से खिंचाव देखने को मिल रहा है, जिससे छात्रों में चिंता बढ़ गई है। खासकर वे छात्र और नौकरीपेशा लोग जो PG में रहते हैं, वे आमतौर पर छोटे रसोईघरों में खाना बनाते हैं या बाहर रेस्टोरेंट में भोजन करते हैं। अब कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं मिलने की वजह से उनके सामने खाने की समस्या खड़ी हो सकती है।

‘जब तक गैस है तब तक ही खाना बनेगा’

अहमदाबाद में फिलहाल 60 हजार से अधिक छात्र PG में रहते हैं। इनमें से अधिकांश गुजरात यूनिवर्सिटी, नवरंगपुरा, वस्त्रापुर और श्यामल इलाके में रहते हैं। अभी इन PG में गैस सिलेंडर को लेकर कोई बड़ी समस्या नहीं आई है, लेकिन संचालकों और छात्रों के बीच चिंता का माहौल है।

वहीं दूसरी ओर वडोदरा में PG छात्रों के लिए छोटे स्तर पर चलने वाले रसोईघर बंद होने की कगार पर हैं क्योंकि उनके पास गैस सिलेंडर नहीं है। कुछ PG संचालक रसोई चलाने के लिए कोयले से चलने वाली भट्ठियां खरीदने की कोशिश कर रहे हैं।

रेस्टोरेंट संचालकों ने भी छात्रों को साफ कह दिया है कि “जब तक गैस उपलब्ध है तब तक ही खाना बना पाएंगे, उसके बाद क्या होगा यह कहना मुश्किल है।”

कच्छ में गैस सिलेंडर की कृत्रिम कमी

भुज और गांधीधाम समेत कच्छ के कई इलाकों में गैस सिलेंडर की कृत्रिम कमी का माहौल बन गया है, जिससे लोगों में डर फैल गया है।

बावड़ा इलाके में सप्लाई विभाग ने छापेमारी कर जमाखोरों का भंडाफोड़ किया है। गांधीधाम में भी अवैध रीफिलिंग की गतिविधि पकड़ी गई और 30 गैस सिलेंडर जब्त किए गए।

ऑनलाइन बुकिंग बंद होने के कारण लोग गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। होटल और रेस्टोरेंट मालिक भी भविष्य में कमी की आशंका को देखते हुए एडवांस में गैस सिलेंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं।

सूरत में गैस सिलेंडर के लिए 500 से ज्यादा लोगों की लाइन

सरकार द्वारा पर्याप्त गैस आपूर्ति का दावा किए जाने के बावजूद लोगों में घबराहट है। औद्योगिक शहर सूरत के कडोदरा इलाके में गैस एजेंसियों के बाहर सिलेंडर लेने के लिए 500 से ज्यादा लोगों की लंबी लाइन लग गई।

घरेलू गैस सिलेंडर का कमर्शियल इस्तेमाल

वडोदरा शहर और जिले में घरेलू LPG सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लग रही हैं, जबकि दूसरी ओर ठेलों और लारियों पर खुलेआम घरेलू गैस सिलेंडर का कमर्शियल उपयोग किया जा रहा है।

कमर्शियल गैस सिलेंडर पर नियंत्रण के कारण उसका सप्लाई और उपयोग भी कम हो गया है।

उद्योग और होटल-रेस्टोरेंट पर संकट

राजकोट में LPG गैस की आपूर्ति प्रभावित होने से होटल-रेस्टोरेंट और कई उद्योगों पर संकट मंडरा रहा है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी के कारण कई होटल संचालक अब कोयले के चूल्हे खरीद रहे हैं, जिससे कोयले के दाम भी दोगुने हो गए हैं।

मेडिकल कॉलेज की मेस भी बंद

वडोदरा की बरोडा मेडिकल कॉलेज के न्यू बॉयज हॉस्टल की मेस गैस सिलेंडर की कमी के कारण बंद करनी पड़ी। यहां लगभग 800 छात्र रोज खाना खाते थे।

मेस बंद होने के बाद कॉलेज प्रशासन ने सप्लाई विभाग से 200 गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की मांग की है। फिलहाल कॉलेज की दो अन्य मेस गैस उपलब्ध होने के कारण चल रही हैं।

इलेक्ट्रिक चूल्हों की मांग बढ़ी

मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण गैस सिलेंडर की संभावित कमी को देखते हुए लोग इलेक्ट्रिक चूल्हे खरीदने लगे हैं। व्यापारियों के मुताबिक पिछले दो दिनों में इलेक्ट्रिक चूल्हों की बिक्री दोगुनी हो गई है और कई दुकानों में अब स्टॉक भी खत्म हो गया है।

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