सरकारी तेल कंपनियों ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) और ऑयल इंडिया के शेयरों में 28 जनवरी को कारोबार के दौरान 10 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। अमेरिका में भीषण सर्दी के तूफान के कारण कच्चे तेल के उत्पादन और निर्यात में बाधा आने से सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी, जिससे अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में उछाल आया।
इसके अलावा मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने भी तेल कीमतों को समर्थन दिया। सुबह 11 बजे तक ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 33 सेंट बढ़कर 67.90 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 42 सेंट चढ़कर 62.81 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
ONGC और ऑयल इंडिया दोनों ही निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स के टॉप गेनर्स में शामिल रहे। यह इंडेक्स 3 प्रतिशत से अधिक चढ़कर 11,735.55 के स्तर पर पहुंच गया।

क्यों बढ़ रही हैं तेल की कीमतें?
विश्लेषकों के मुताबिक, सप्ताहांत में आए तूफान के कारण अमेरिका में ऊर्जा ढांचे और पावर ग्रिड पर दबाव पड़ा, जिससे लगभग 20 लाख बैरल प्रतिदिन यानी देश के कुल उत्पादन का करीब 15 प्रतिशत नुकसान हुआ।
रॉयटर्स के अनुसार, शिप ट्रैकिंग सर्विस Vortexa ने बताया कि रविवार को अमेरिका के गल्फ कोस्ट बंदरगाहों से कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) का निर्यात लगभग शून्य हो गया।
Fujitomi Securities के विश्लेषक तोशिताका तजावा ने कहा कि कजाकिस्तान में उत्पादन में कमी भी तेल कीमतों को सहारा दे रही है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि सप्लाई से जुड़ी चिंताएं कम होते ही बिकवाली का दबाव वापस आ सकता है। उनका मानना है कि भू-राजनीतिक जोखिमों के बावजूद वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की संभावित अधिक आपूर्ति के चलते WTI फिलहाल 60 डॉलर के आसपास रह सकता है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भी कीमतों को बल दिया है। रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और युद्धपोत मध्य पूर्व पहुंच चुके हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
ONGC शेयर प्राइस
ONGC के शेयर 7 प्रतिशत से ज्यादा उछलकर 266.2 रुपये के नए 52-सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गए। इससे पहले कंपनी ने दक्षिण कोरिया की Samsung Heavy Industries के साथ दो अत्याधुनिक Very Large Ethane Carriers (VLEC) के निर्माण के लिए शिप बिल्डिंग कॉन्ट्रैक्ट साइन करने की घोषणा की थी।
कंपनी ने बताया कि ONGC और जापान की MOL ने गुजरात के GIFT सिटी में दो जॉइंट वेंचर कंपनियां—Bharat Ethane One IFSC Pvt. Ltd. और Bharat Ethane Two IFSC Pvt. Ltd.—स्थापित की हैं। हर कंपनी एक VLEC का संचालन करेगी, जिससे ONGC की सब्सिडियरी OPaL के लिए लगभग 600 KTPA एथेन का परिवहन किया जाएगा।
ONGC के शेयर पिछले पांच दिनों में करीब 9 प्रतिशत और एक महीने में 12 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ चुके हैं।
ऑयल इंडिया शेयर प्राइस
ऑयल इंडिया के शेयर लगभग 10 प्रतिशत उछलकर 492 रुपये के नए 52-सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गए। स्टॉक ने पिछले पांच दिनों में 11 प्रतिशत से अधिक और पिछले एक महीने में 18 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की है।
