इनकम टैक्स रिफंड न्यूज़: लाखों टैक्सपेयर्स के लिए, जो इनकम टैक्स रिफंड पहले कुछ हफ्तों में मिल जाता था, अब उसमें महीनों लग रहे हैं। इससे लोगों में अनिश्चितता और चिंता बढ़ गई है। अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें अब तक रिफंड नहीं मिला है, तो यहां जानिए आपको क्या जानना चाहिए।
PDICAI द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, आकलन वर्ष 2025–26 के लिए जनवरी 2026 तक करीब 8.80 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल किए जा चुके हैं। इनमें से 8 करोड़ से ज्यादा रिटर्न प्रोसेस हो चुके हैं, लेकिन अब भी 50 लाख से अधिक टैक्सपेयर्स ऐसे हैं जिनके रिटर्न प्रोसेस नहीं हुए हैं और रिफंड अटके हुए हैं।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के डेटा के मुताबिक, 11 जनवरी तक AY 2025–26 के लिए लगभग 8.8 करोड़ ITR फाइल किए गए थे। इनमें से 8.68 करोड़ रिटर्न वेरीफाई हो चुके हैं और 8.15 करोड़ रिटर्न प्रोसेस हो चुके हैं। इसका मतलब है कि करीब 53 लाख रिटर्न अब भी प्रोसेसिंग के लिए पेंडिंग हैं, जिनमें से कई रिफंड क्लेम से जुड़े हुए हैं। धीमी प्रोसेसिंग और लंबा इंतज़ार टैक्सपेयर्स के लिए काफी परेशान करने वाला है। अगर आपको अब तक इनकम टैक्स रिफंड नहीं मिला है, तो नीचे दी गई जानकारी आपके काम की है।

🔹 इनकम टैक्स रिफंड न्यूज़: रिफंड में देरी क्यों हो रही है?
1. सख्त वेरीफिकेशन चेक
सटीकता बढ़ाने और गलतियों को कम करने के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट अब रिटर्न को Annual Information Statement (AIS) और अन्य फाइनेंशियल डेटा जैसे बैंक इंटरेस्ट, डिविडेंड इनकम और हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन से क्रॉस-वेरीफाई कर रहा है।
2. ‘NUDGE’ कंप्लायंस पहल
NUDGE (Non-intrusive Usage of Data to Guide and Enable) CBDT की एक पहल है, जो टैक्सपेयर्स को डेटा एनालिटिक्स के जरिए अपनी ITR में हुई गलतियों या छूटे हुए डिटेल्स को खुद सुधारने के लिए प्रेरित करती है। इसके दूसरे चरण में, अगर किसी रिटर्न में गड़बड़ी पाई जाती है तो टैक्सपेयर को नोटिफाई किया जाता है और जब तक गड़बड़ी दूर नहीं होती, रिटर्न होल्ड पर रहता है।
3. ज्यादा फाइलिंग वॉल्यूम और प्रोसेसिंग बैकलॉग
इस आकलन वर्ष में रिकॉर्ड संख्या में रिटर्न फाइल किए गए हैं। डेडलाइन बढ़ने और टैक्स बेस बढ़ने की वजह से Centralised Processing Centre (CPC) पर भारी दबाव पड़ा है, जिससे प्रोसेसिंग में देरी हो रही है।
4. डेटा मिसमैच
वित्त वर्ष 2024–25 के दौरान इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने करीब 1.65 लाख रिटर्न को डिटेल स्क्रूटिनी के लिए फ्लैग किया। AIS और ITR डेटा में मिसमैच इसकी बड़ी वजह रहे हैं, जिससे रिफंड जारी करने से पहले अतिरिक्त वेरीफिकेशन करना पड़ता है।
5. बैंक अकाउंट या PAN–Aadhaar से जुड़ी समस्याएं
गलत बैंक डिटेल्स या PAN–Aadhaar लिंक में दिक्कत के कारण भी रिफंड में देरी हो सकती है। भले ही रिटर्न प्रोसेस हो जाए, लेकिन जब तक बैंक अकाउंट इनकम टैक्स पोर्टल पर प्री-वैलिडेट नहीं होता, तब तक रिफंड क्रेडिट नहीं किया जा सकता।
🔹 इनकम टैक्स रिफंड न्यूज़: अपना रिफंड स्टेटस कैसे चेक करें?
इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर स्टेटस चेक करने का तरीका:
- इनकम टैक्स e-Filing पोर्टल पर जाएं और अपने PAN और पासवर्ड से लॉग इन करें।
- e-File सेक्शन में जाएं, Income Tax Returns चुनें और View Filed Returns पर क्लिक करें।
- संबंधित Assessment Year चुनें और View Details पर क्लिक करके रिफंड स्टेटस देखें।
NSDL पोर्टल पर स्टेटस चेक करने का तरीका:
- NSDL रिफंड स्टेटस पेज पर जाएं।
- अपना PAN डालें और लागू Assessment Year चुनें।
- डिटेल्स सबमिट करें और मौजूदा रिफंड स्टेटस देखें।
