समुद्र के बीच अचानक दिशा बदलना किसी सामान्य घटना का संकेत नहीं होता, बल्कि यह वैश्विक राजनीति और व्यापार में बड़े बदलाव का संकेत देता है। हाल ही में Russia से China जा रहे कच्चे तेल से भरे कई टैंकरों ने अचानक अपना रास्ता बदलकर India की ओर रुख कर लिया।

🚢 समुद्र में ही बदला रास्ता
शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार ‘Aqua Titan’ नाम का एक बड़ा टैंकर जनवरी के अंत में बाल्टिक सागर से रूसी ‘Urals’ क्रूड लेकर रवाना हुआ था। इसका गंतव्य Rizhao Port था, लेकिन मार्च के मध्य में दक्षिण-पूर्व एशिया के पास पहुंचकर इसने अचानक यू-टर्न ले लिया। अब यह 21 मार्च को New Mangalore Port पहुंचने वाला है।
⚓ सात टैंकर भारत की ओर
डेटा फर्म Vortexa के अनुसार कम से कम 7 रूसी तेल टैंकरों ने चीन की बजाय भारत की ओर रुख किया है।
एक अन्य टैंकर ‘Zhouzhou N’ भी Novorossiysk से कजाखस्तान का CPC Blend क्रूड लेकर Rizhao Port जा रहा था, लेकिन उसने भी दिशा बदल दी। अब यह 25 मार्च को Sikka Port पहुंच सकता है।
⚠️ आखिर क्यों बदला रास्ता?
इस बड़े बदलाव के पीछे मुख्य कारण मध्य पूर्व में चल रहा तनाव है, जिससे तेल सप्लाई प्रभावित हुई है।
स्थिति को देखते हुए United States ने भारत को रूस से तेल खरीद बढ़ाने का सुझाव दिया। इसके बाद भारतीय रिफाइनरियां सक्रिय हो गईं और सिर्फ एक हफ्ते में 30 मिलियन बैरल तेल खरीद लिया।
🌏 चीन को झटका
पिछले कुछ महीनों में जब भारत ने रूसी तेल की खरीद घटाई थी, तब China रूस के लिए सबसे बड़ा खरीदार बन गया था।
लेकिन अब भारत की ओर टैंकरों का मुड़ना चीन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
🌐 अन्य देशों की एंट्री
दिलचस्प बात यह है कि अब Japan और South Korea जैसे देशों को भी रूस से तेल खरीदने की अनुमति मिल गई है, जिससे भविष्य में चीन की हिस्सेदारी और कम हो सकती है।
