भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए एक बड़ी घोषणा सामने आई है। केंद्रीय आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को क्वालकॉम द्वारा विकसित 2-नैनोमीटर (2nm) चिप का अनावरण किया। सरकार ने संकेत दिया है कि भारत अब केवल बैक-ऑफिस हब नहीं, बल्कि एंड-टू-एंड चिप डेवलपमेंट हब बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही मंत्री ने Semicon India Mission के अगले चरण Semicon 2.0 का रोडमैप भी साझा किया।
2nm चिप के साथ भारत की टेक्नोलॉजी में बड़ी छलांग
2-नैनोमीटर टेक्नोलॉजी पर आधारित इस हाई-टेक चिप को केंद्रीय मंत्री ने अल्ट्रा-एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग का उदाहरण बताया। इस चिप में करीब 20 से 30 अरब ट्रांजिस्टर लगे हैं, जिनमें हर छोटे डाई में लगभग 20 अरब ट्रांजिस्टर मौजूद हैं। इतनी बारीक और सटीक टेक्नोलॉजी पर काम करना बेहद जटिल माना जाता है।
यह चिप CPU और GPU दोनों को एक साथ इंटीग्रेट करती है, जो भारत की उन्नत चिप डिजाइन क्षमताओं को साफ तौर पर दर्शाती है।

AI और एज डिवाइस में होगा बड़ा इस्तेमाल
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, इस चिप से तैयार मॉड्यूल एक तरह का AI कंप्यूटर बन सकता है। इसका उपयोग डेस्कटॉप से लेकर एज डिवाइस तक किया जा सकता है।
इसके अलावा, इसका इस्तेमाल कैमरा, वाई-फाई राउटर, ऑटोमोबाइल, ट्रेन और एयरक्राफ्ट सिस्टम में भी होगा।
इससे AI प्रोसेसिंग सीधे डिवाइस लेवल पर संभव होगी, जिससे स्पीड बढ़ेगी और क्लाउड पर निर्भरता कम होगी। इसे एडवांस्ड ऑटोमेशन और स्मार्ट मशीनों की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
Semicon Mission से तैयार हो रही है टैलेंट फोर्स
Semicon India Mission 1.0 के तहत सरकार ने 10 साल में 85,000 सेमीकंडक्टर प्रोफेशनल्स तैयार करने का लक्ष्य रखा है। अब तक करीब 67,000 इंजीनियरों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
देशभर की 315 कॉलेज और यूनिवर्सिटीज़ में सेमीकंडक्टर डिजाइन की पढ़ाई कराई जा रही है। छात्रों को अत्याधुनिक EDA टूल्स की सुविधा दी जा रही है, जहां वे खुद चिप डिजाइन कर रहे हैं। मोहाली की एक लैब में इन चिप्स का टेप-आउट और वैलिडेशन भी किया जा रहा है। मंत्री के अनुसार, ऐसा मॉडल बहुत कम देशों में देखने को मिलता है।
Semicon 2.0 में किन बातों पर होगा फोकस?
सरकार अब Semicon India Mission 2.0 शुरू करने की तैयारी में है, जिसकी घोषणा बजट में की जा चुकी है। इस नए चरण में—
- सबसे ज्यादा फोकस चिप डिजाइन पर होगा
- इसके बाद उपकरण और मटीरियल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाया जाएगा
- सिस्टम-लेवल डिजाइन टैलेंट, फैब्रिकेशन और ATMP यूनिट्स के विस्तार पर काम होगा
फिलहाल भारत 28nm मैन्युफैक्चरिंग क्षमता की ओर बढ़ रहा है, जिसे आगे चलकर 7nm तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इस पूरे रोडमैप को आने वाले महीनों में अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है।
