चांदी ₹3.85 लाख प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर, सोना भी ऑल-टाइम हाई पर

राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को सोना और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कमजोर अमेरिकी डॉलर और वैश्विक बाजारों में मजबूत खरीदारी के चलते दोनों कीमती धातुएं नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, चांदी ने लगातार तीसरे दिन तेजी जारी रखते हुए ₹15,000 यानी 4.05 फीसदी की उछाल के साथ ₹3,85,000 प्रति किलो (सभी टैक्स सहित) का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर छू लिया।

पिछले सत्र में चांदी की कीमत में ₹40,500 की भारी बढ़त दर्ज की गई थी, जिससे इसका भाव शुक्रवार के ₹3,29,500 प्रति किलो से बढ़कर ₹3,70,000 प्रति किलो हो गया था।

वहीं, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना भी ₹5,000 यानी 3 फीसदी की तेजी के साथ ₹1,71,000 प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) के नए शिखर पर पहुंच गया। मंगलवार को इसका भाव ₹1,66,000 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटी) सौमिल गांधी ने कहा कि सोना और चांदी में लगातार मजबूती बनी हुई है और लगभग हर दिन नए कारण कीमतों को ऊपर ले जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) की मांग बढ़ी है, जिससे कीमती धातुओं को सपोर्ट मिल रहा है।

डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को दर्शाता है, में गिरावट दर्ज की गई, जिससे अंतरराष्ट्रीय बुलियन कीमतों को और सहारा मिला।

FOREX.com के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 74.57 डॉलर या 1.44 फीसदी चढ़कर 5,256.35 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। दिन के दौरान स्पॉट गोल्ड 130.13 डॉलर या 2.51 फीसदी बढ़कर 5,311.38 डॉलर प्रति औंस के नए रिकॉर्ड पर पहुंच गया।

मिराए एसेट शेयरखान के रिसर्च एनालिस्ट प्रवीण सिंह ने कहा कि कमजोर अमेरिकी डॉलर के चलते विदेशी बाजारों में स्पॉट गोल्ड लगातार आठवें दिन बढ़त के साथ 5,311 डॉलर प्रति औंस के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

उन्होंने बताया कि अमेरिकी कंज्यूमर कॉन्फिडेंस डेटा कमजोर रहने और रोजगार वृद्धि में सुस्ती के संकेतों के बाद डॉलर चार साल के निचले स्तर पर आ गया।

विदेशी बाजारों में स्पॉट सिल्वर 0.12 फीसदी बढ़कर 112.22 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। सोमवार को चांदी 14 फीसदी उछलकर 117.73 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी।

ऑगमोंट की रिसर्च हेड रेनिशा चैनानी ने कहा कि 115 डॉलर प्रति औंस के पार चांदी की छलांग, अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और नीतिगत अनिश्चितताओं के कारण आई है।

विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कमजोर डॉलर को लेकर टिप्पणी, फेडरल रिजर्व में संभावित दर कटौती और नई चेयर नियुक्ति की अटकलों ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है।

एलकेपी सिक्योरिटीज के वीपी रिसर्च एनालिस्ट जितिन त्रिवेदी ने बताया कि फेडरल रिजर्व की एफओएमसी बैठक आज से शुरू हो रही है। हालांकि ब्याज दरें 3.50–3.75 फीसदी पर स्थिर रहने की उम्मीद है, लेकिन 2026 आउटलुक को लेकर फेड चेयर जेरोम पॉवेल की टिप्पणी पर बाजार की खास नजर रहेगी।

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