(प्रतिनिधि द्वारा)
सूरत, गुरुवार। अमरोली पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में सामने आया है कि अंतरराष्ट्रीय हवाला नेटवर्क से जुड़े आरोपियों ने अपने और अपने बच्चों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये का लेन–देन किया। जांच में खुलासा हुआ है कि यह रकम पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान और थाईलैंड जैसे देशों से भारत लाई जा रही थी।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2024 में सूरत के अमरोली क्षेत्र स्थित सरिया मंडल में छापेमारी के दौरान यह पूरा नेटवर्क उजागर हुआ। आरोपी विदेशों से आने वाले हवाला के पैसे को अलग–अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करते थे, ताकि किसी को शक न हो।
विदेशी करेंसी और करोड़ों का लेन–देन
जांच में पता चला है कि इस गिरोह ने एकाउंटेंट मार्केट समेत कई जगहों पर फर्जी नामों से खाते खुलवाए थे। इन खातों में लाखों–करोड़ों रुपये जमा किए जाते थे। हवाला के जरिए आने वाली रकम को भारतीय और विदेशी करेंसी में बदलकर आगे भेजा जाता था।
पिता–पुत्र और रिश्तेदार भी शामिल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यूएसडीटी में कन्वर्ट करने का रैकेट चलाने वाले मुख्य आरोपी अब्दुल रहमान डॉक्टर और उनके बेटे शरीफ के साथ-साथ रिश्तेदार भी इस अवैध धंधे में शामिल थे। आरोपियों ने अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर कई खाते खुलवाए थे।
करीब दो वर्षों से यह गिरोह सक्रिय था और क्रिप्टो करेंसी, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और बैंकिंग ऐप्स के जरिए लेन–देन किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड, लैपटॉप और अहम दस्तावेज जब्त किए हैं।
जांच जारी
अमरोली पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अब तक कितनी रकम का हवाला लेन–देन हुआ और इस नेटवर्क से और कौन–कौन लोग जुड़े हुए हैं।
पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
