सूरत। डिजिटल युग में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों के बीच सूरत पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। उधना पुलिस ने 1550 करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश करते हुए इसके मुख्य सूत्रधार समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से करोड़ों रुपये की नकदी और कीमती सामान भी जब्त किया है।
मास्टरमाइंड समेत 4 आरोपी गिरफ्तार
उधना पुलिस की गहन जांच में सामने आया कि अब्दुलरब चामड़िया इस पूरे साइबर फ्रॉड नेटवर्क का मास्टरमाइंड है। पुलिस ने उसके साथ अमित चौकसी, चिराग उर्फ चार्ली सुतरिया और प्रविण गढ़िया को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस का मानना है कि इन गिरफ्तारियों से इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह के कई बड़े राज सामने आ सकते हैं।
करोड़ों की नकदी और कीमती सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में संपत्ति जब्त की है, जिसमें
- 1.92 करोड़ रुपये नकद,
- 39.35 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण,
- 20 हजार रुपये के हीरे,
- और 4 नकदी गिनने की मशीनें शामिल हैं।
कुल मिलाकर पुलिस ने करीब 2.60 करोड़ रुपये से अधिक का माल अपने कब्जे में लिया है।
क्रिप्टोकरेंसी USDT से होता था लेन-देन
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी अंतरराष्ट्रीय लेन-देन के लिए USDT (क्रिप्टोकरेंसी) का इस्तेमाल करते थे, ताकि एजेंसियों की नजर से बचा जा सके। मुख्य आरोपी अब्दुलरब अन्य आरोपियों को निवेश के लिए रकम देता था और उससे होने वाला मुनाफा वापस लेता था।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
उधना पुलिस इस मामले की लंबे समय से जांच कर रही है। इससे पहले इस केस में 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब चार नई गिरफ्तारियों के साथ कुल आरोपियों की संख्या और बढ़ गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस साइबर फ्रॉड रैकेट के तार किन-किन देशों से जुड़े हैं और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
