फूड टेस्ट लैब में ड्रग्स उत्पादन का मामला: ब्रिजेश को साथ लेकर एथर कंपनी में जांच

सूरत (प्रतिनिधि):
रिसर्च के नाम पर एमडी ड्रग्स बनाने के मामले में सूरत एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। एसओजी ने ड्रग्स बनाने के आरोपी ब्रिजेश भालोड़िया को साथ लेकर सचिन स्थित एथर कंपनी में जांच की। यह कार्रवाई परवत पाटिया–वेसु केनाल रोड स्थित पोलारिस शॉपिंग सेंटर में संचालित डिक्रीया फूड एंड फार्मा एनालिटिकल लैबोरेटरी से जुड़े मामले के तहत की गई।

एसओजी सूत्रों के अनुसार, ब्रिजेश भालोड़िया पिछले चार वर्षों से एथर कंपनी में सीनियर केमिस्ट के तौर पर कार्यरत है और उसे लगभग 30 हजार रुपये मासिक वेतन मिलता है। जांच के दौरान कंपनी में किसी तरह की अनियमितता सामने नहीं आई। हालांकि, इससे पहले ब्रिजेश ने पूछताछ में यह कबूल किया था कि उसने ड्रग्स बनाने के लिए कुछ केमिकल्स की चोरी एथर कंपनी से की थी।

एसओजी अब इस मामले में अगला कदम उठाते हुए शनिवार को ईशा अणघण का बयान दर्ज करेगी। ईशा वही व्यक्ति है जिसने अपनी किराए पर ली गई लैब का एक हिस्सा ब्रिजेश को उपयोग के लिए दिया था। जानकारी के अनुसार, ईशा दिल्ली गई हुई थी और उसके शुक्रवार रात तक सूरत लौटने की संभावना है, जिसके बाद वह एसओजी के समक्ष पेश होगी।

एसओजी ने ईशा से लैब के लाइसेंस, किराया समझौते और किराए के भुगतान से जुड़ी सभी जानकारियां मांगी हैं। इसके साथ ही ईशा के पिता के साथ हुए लेन-देन को लेकर भी पूछताछ की जाएगी।

इस पूरे मामले में एसओजी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फूड और फार्मा रिसर्च की आड़ में ड्रग्स निर्माण का नेटवर्क किस तरह से संचालित किया जा रहा था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *