मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के कारण निवेशकों की चिंता बढ़ गई है, जिसका सीधा असर बाजार में भारी गिरावट के रूप में सामने आया है।
हालिया गिरावट के चलते भारतीय इक्विटी निवेशकों की संपत्ति में लगभग ₹22.40 लाख करोड़ की कमी आ गई है। इस दौरान S&P BSE Sensex और NIFTY 50 दोनों प्रमुख सूचकांकों में करीब 4.6% की गिरावट दर्ज की गई है।
युद्ध के बाद बाजार में घबराहट
रिपोर्ट्स के अनुसार 28 फरवरी को United States और Israel ने Iran पर सैन्य हमले किए, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की मौत हो गई। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी और इज़रायली सैन्य ठिकानों पर हमले किए।
इन हमलों का असर United Arab Emirates, Bahrain, Kuwait, Jordan और Saudi Arabia जैसे देशों तक देखा गया, जिससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता और डर का माहौल बन गया।
कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं
भूराजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़कर करीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। इसके साथ ही भारतीय रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। इससे भारत में महंगाई बढ़ने और आयात बिल बढ़ने की चिंता भी बढ़ गई है।
सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट
27 फरवरी के बाद से SENSEX में करीब 3,721 अंक (4.57%) की गिरावट आई है। इस दौरान बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप ₹22,40,408 करोड़ घटकर ₹4,41,10,262 करोड़ रह गया।
सोमवार को भी बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली।
- SENSEX 1,352 अंक गिरकर 77,566 पर बंद हुआ।
- दिन के दौरान यह करीब 2,494 अंक तक गिर गया था।
- NIFTY50 भी 422 अंक गिरकर 24,028 पर बंद हुआ।
सबसे ज्यादा गिरने वाले सेक्टर
बीएसई के सेक्टरल इंडेक्स में लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए।
सबसे ज्यादा गिरावट इन सेक्टरों में देखी गई:
- ऑटो सेक्टर – 3.89%
- बैंकिंग – 3.16%
- ऑयल एंड गैस – 3.11%
- पीएसयू – 2.95%
- बेसिक मटेरियल – 2.77%
इन कंपनियों में आई तेजी
गिरावट के माहौल में भी कुछ कंपनियों के शेयरों में हल्की तेजी देखी गई। इनमें शामिल हैं:
- Wipro
- Reliance Industries
- Apollo Hospitals
- Infosys
- HCL Technologies
इन कंपनियों के शेयर सबसे ज्यादा गिरे
दूसरी ओर कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई:
- Tata Motors
- UltraTech Cement
- Maruti Suzuki
- Eicher Motors
- Mahindra & Mahindra
आगे क्या होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक मध्य पूर्व का संकट शांत नहीं होता, तब तक वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। तेल की कीमतों और डॉलर की मजबूती का असर भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार दोनों पर पड़ सकता है।
