New Rules for Vande Mataram 2026: भारत सरकार ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान और उसके गायन को लेकर नए नियमों की घोषणा की है। नए प्रोटोकॉल के अनुसार अब आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगान (जन गण मन) के साथ वंदे मातरम् के गायन से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
क्या हैं नए प्रोटोकॉल?
सरकार द्वारा जारी नए नियमों के अनुसार अब किसी भी सरकारी या आधिकारिक कार्यक्रम में वंदे मातरम् को राष्ट्रगान के समान सम्मान दिया जाएगा। यदि किसी कार्यक्रम में दोनों गीत शामिल हों, तो सबसे पहले वंदे मातरम् गाया जाएगा।
जैसे राष्ट्रगान के दौरान सावधान मुद्रा में खड़े रहना अनिवार्य होता है, उसी प्रकार अब वंदे मातरम् के समय भी सभी को खड़े रहना होगा।
यह नियम राष्ट्रीय ध्वज फहराने के अवसर पर, राष्ट्रपति के आगमन, उनके संबोधन से पहले और बाद में लागू होगा। इसी प्रकार राज्यपालों के आगमन और उनके भाषण से पहले व बाद में भी इन नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।

6 छंद और 3:10 मिनट का समय
अब तक वंदे मातरम् के केवल प्रारंभिक अंश गाए जाते थे, लेकिन नए नियम के अनुसार इसके सभी 6 छंद गाए जाएंगे। पूरे गायन के लिए लगभग 3 मिनट 10 सेकंड का समय निर्धारित किया गया है।
इस निर्णय का उद्देश्य राष्ट्रगीत के ऐतिहासिक महत्व और उसके पूर्ण सम्मान को सुनिश्चित करना है।
नियम के पीछे का उद्देश्य
सरकार का मानना है कि ‘वंदे मातरम्’ भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक है और इसे राष्ट्रगान के बराबर सम्मान मिलना चाहिए। लंबे समय से चल रही चर्चाओं के बाद अब इसके गायन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए गए हैं, ताकि सार्वजनिक कार्यक्रमों में एकरूपता बनी रहे।
