भारत के पूर्वी राज्य पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस (Nipah Virus) के प्रकोप को रोकने के लिए तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं। अब तक पांच मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें डॉक्टर और नर्स भी शामिल हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 100 लोगों को होम क्वारंटीन में रखा गया है और संक्रमित मरीजों का इलाज कोलकाता और आसपास के अस्पतालों में किया जा रहा है। एक मरीज की हालत गंभीर बताई जा रही है।
निपाह वायरस बेहद घातक है और इसका कोई टीका या पुख्ता इलाज उपलब्ध नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे हाई-रिस्क पैथोजन की श्रेणी में रखा है। विशेषज्ञों का कहना है कि मनुष्यों में संक्रमण दुर्लभ है और आमतौर पर यह वायरस चमगादड़ों से इंसानों में फैलता है, खासकर दूषित फलों के जरिए।
🔍 निपाह वायरस संक्रमण: लक्षण क्या हैं?
निपाह वायरस (NiV) संक्रमण की शुरुआत अक्सर सामान्य और अस्पष्ट लक्षणों से होती है, जिससे शुरुआती पहचान मुश्किल हो जाती है।
अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) के अनुसार, इसका इनक्यूबेशन पीरियड आमतौर पर 4 से 21 दिनों का होता है, हालांकि कुछ मामलों में इससे ज्यादा समय भी लग सकता है।
शुरुआती लक्षणों में:
- तेज बुखार
- सिरदर्द
- मांसपेशियों में दर्द
- अत्यधिक थकान
कुछ मरीजों में सांस से जुड़े लक्षण भी दिखाई देते हैं, जैसे:
- खांसी
- सांस लेने में दिक्कत
- निमोनिया

🧠 सबसे खतरनाक जटिलता: मस्तिष्क में सूजन
निपाह वायरस का सबसे गंभीर प्रभाव मस्तिष्क में सूजन (एन्सेफेलाइटिस) है। इसके लक्षण शुरुआती बीमारी के कुछ दिनों या हफ्तों बाद सामने आते हैं, जिनमें शामिल हैं:
- भ्रम की स्थिति
- चेतना में बदलाव
- दौरे पड़ना
- कोमा
कुछ मामलों में मेनिन्जाइटिस भी हो सकता है।
⚠️ निपाह वायरस कितना जानलेवा है?
निपाह वायरस में मृत्यु दर काफी अधिक है। अलग-अलग प्रकोपों में यह 40% से 75% तक दर्ज की गई है।
जो लोग बच जाते हैं, उनमें लंबे समय तक न्यूरोलॉजिकल समस्याएं रह सकती हैं, जैसे:
- बार-बार दौरे
- व्यवहार या व्यक्तित्व में बदलाव
दुर्लभ मामलों में, संक्रमण के महीनों या वर्षों बाद भी एन्सेफेलाइटिस दोबारा उभर सकता है।
🔄 निपाह वायरस कैसे फैलता है?
WHO के अनुसार, निपाह वायरस एक ज़ूनोटिक बीमारी है, यानी यह जानवरों से इंसानों और इंसानों से इंसानों में फैल सकता है।
संक्रमण के मुख्य स्रोत:
- फल खाने वाले चमगादड़ (Pteropus species)
- चमगादड़ों की लार, मूत्र या मल से दूषित फल
- संक्रमित जानवरों या मरीजों के शरीर द्रव से संपर्क
करीबी संपर्क में रहने वाले परिजनों और देखभाल करने वालों में मानव से मानव संक्रमण देखा गया है।
🌍 निपाह वायरस पहली बार कहां मिला था?
निपाह वायरस की पहचान पहली बार 1999 में मलेशिया और सिंगापुर में हुई थी, जब सूअरों के संपर्क में आने वाले लोगों में एन्सेफेलाइटिस और सांस की बीमारी फैली थी।
इसके बाद:
- भारत के पूर्वोत्तर राज्यों
- बांग्लादेश (2001 से लगभग हर साल)
- केरल (2018 से sporadic मामले)
- फिलीपींस
में इसके प्रकोप दर्ज किए गए।
वैज्ञानिक अध्ययनों में एशिया और अफ्रीका के कई हिस्सों में चमगादड़ों में निपाह वायरस के एंटीबॉडी पाए गए हैं, लेकिन इंसानों में प्रकोप अब तक मुख्य रूप से दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया तक सीमित रहा है।

💉 क्या निपाह वायरस का इलाज या वैक्सीन है?
फिलहाल निपाह वायरस के लिए कोई स्वीकृत वैक्सीन या विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है। इलाज केवल लक्षणों को नियंत्रित करने और जटिलताओं से निपटने पर आधारित होता है।
WHO ने इसे अपनी रिसर्च एंड डेवलपमेंट ब्लूप्रिंट में प्राथमिकता वाले वायरसों में शामिल किया है।
🛡️ निपाह वायरस से बचाव कैसे करें?
चमगादड़ से संक्रमण रोकने के उपाय:
- कच्चा खजूर का रस न पिएं
- फलों को अच्छे से धोकर या छीलकर खाएं
- चमगादड़ द्वारा काटे गए फल फेंक दें
जानवरों से संक्रमण से बचाव:
- बीमार जानवरों को संभालते समय दस्ताने और सुरक्षा कपड़े पहनें
- सूअर फार्म को चमगादड़ों से सुरक्षित रखें
मानव से मानव संक्रमण रोकना:
- संक्रमित व्यक्ति से बिना सुरक्षा संपर्क न करें
- नियमित रूप से हाथ धोते रहें
🎬 पॉपुलर कल्चर में निपाह वायरस
2011 की फिल्म Contagion आंशिक रूप से निपाह वायरस जैसे वास्तविक वायरस से प्रेरित थी। इसकी उच्च मृत्यु दर, तेज़ प्रसार क्षमता और वैक्सीन की कमी ने इसे महामारी के मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया।
निपाह वायरस गंभीर श्वसन बीमारी और मस्तिष्क में सूजन (एन्सेफेलाइटिस) का कारण बनता है और यह जानवरों से इंसानों में, दूषित भोजन के माध्यम से या संक्रमित लोगों के संपर्क से फैल सकता है।
इसकी उच्च मृत्यु दर, फैलने की क्षमता और वैक्सीन की कमी के कारण इसे एक ऐसा ज़ूनोटिक वायरस माना गया है जो महामारी का रूप ले सकता है। इसी वजह से फिल्म निर्माताओं ने Contagion फिल्म में वास्तविक वैश्विक स्वास्थ्य संकट को दर्शाने के लिए इसे प्रेरणा के रूप में इस्तेमाल किया, जैसा कि Path ने बताया।
