Venezuela’s $60B Crypto Mystery:
डोनाल्ड ट्रम्प के हमलों और राष्ट्रपति की गिरफ्तारी के बाद अब अमेरिका और पूरी दुनिया की नजर वेनेज़ुएला के तेल भंडार और वहां से होने वाली अरबों डॉलर की कमाई पर है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि हाल की घटनाओं में वैश्विक वित्तीय बाजार सिर्फ वेनेज़ुएला के विशाल तेल भंडार (करीब 303 अरब बैरल) पर ही ध्यान नहीं दे रहे, बल्कि देश के संभावित बिटकॉइन भंडार को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
कुछ विशेषज्ञों का दावा है कि वेनेज़ुएला की मादुरो सरकार के पास बड़ी मात्रा में बिटकॉइन हो सकते हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 60 अरब डॉलर, यानी भारतीय मुद्रा में लगभग ₹5.40 लाख करोड़ आंकी जा रही है।
मादुरो सरकार के ‘क्रिप्टो खजाने’ पर नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वेनेज़ुएला के ये कथित बिटकॉइन जब्त किए जाते हैं या बाजार में बेचे जाते हैं, तो इससे वैश्विक क्रिप्टोकरेंसी और वित्तीय बाजारों में भारी उथल-पुथल मच सकती है। हालांकि, अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
लैटिन अमेरिका की क्रिप्टो कंपनी ऑरेंजBTC के CEO गुई गोम्स के अनुसार, अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण वेनेज़ुएला लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग सिस्टम से कटा हुआ है। ऐसे में मादुरो सरकार ने अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए सोने और डॉलर के साथ-साथ बिटकॉइन जैसी वैकल्पिक संपत्तियों का सहारा लिया हो सकता है।

60 अरब डॉलर के बिटकॉइन होने का दावा
बिटकॉइन ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित है, जिसमें लेन-देन तो पारदर्शी होता है, लेकिन मालिक की पहचान गुप्त रहती है। इसी वजह से यह पता लगाना बेहद मुश्किल है कि किसी सरकार या व्यक्ति के पास कितने बिटकॉइन हैं और वे कहां रखे गए हैं।
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि वेनेज़ुएला के पास 60 अरब डॉलर के बिटकॉइन हो सकते हैं, लेकिन ब्लॉकचेन विशेषज्ञ इस आंकड़े को लेकर अभी सतर्क हैं। गोम्स के मुताबिक, अगर यह डिजिटल खजाना वाकई मौजूद है, तो यह एक जगह नहीं बल्कि हजारों अलग-अलग वॉलेट्स में बंटा हो सकता है, जिन्हें प्रभावशाली राजनीतिक नेता या सैन्य अधिकारी संभाल रहे हों। इसी वजह से इसे ट्रैक करना अमेरिकी एजेंसियों के लिए भी बड़ी चुनौती है।
