अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 92.92 पर खुला। इसके बाद पहली बार 93 के स्तर को पार करते हुए 93.08 पर ट्रेड करने लगा, जो पिछले बंद भाव से 19 पैसे की गिरावट दर्शाता है। इससे पहले बुधवार को रुपया 49 पैसे टूटकर 92.89 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था।
📉 आज भी रुपये में गिरावट
शुक्रवार को शेयर बाजार में तेजी के बावजूद मुद्रा बाजार में कमजोरी देखी गई। रुपया पहली बार डॉलर के मुकाबले 93 के पार चला गया है। इसका मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली है। इससे आयातित महंगाई बढ़ने की आशंका है।
⛽ पेट्रोल-डीजल समेत सब कुछ महंगा
रुपये की कमजोरी का सीधा असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ सकता है। इसके अलावा विदेश यात्रा, पढ़ाई और आयातित वस्तुएं भी महंगी हो सकती हैं। फॉरेक्स ट्रेडर्स के मुताबिक, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने रुपये पर दबाव बढ़ाया है।
📊 डॉलर इंडेक्स और बाजार की स्थिति
डॉलर इंडेक्स 0.17% बढ़कर 100.25 पर पहुंच गया, जो डॉलर की मजबूती दर्शाता है। वहीं, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.64% गिरकर 106.9 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था, हालांकि एक दिन पहले यह 119 डॉलर के करीब पहुंच गया था।
📉 विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारी बिकवाली की है। मार्च महीने में अब तक 8 अरब डॉलर से अधिक की निकासी हो चुकी है, जो रुपये पर दबाव का बड़ा कारण है।
⚠️ आगे भी राहत के संकेत नहीं
विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक अनिश्चितता के चलते रुपये पर दबाव बना रहेगा। इससे भारत में महंगाई और आर्थिक विकास दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
