डिजिटल इंश्योरेंस में Tier-2 और Tier-3 शहरों का दबदबा: MSME सेक्टर तेजी से अपना रहा ऑनलाइन B2B बीमा

भारत का MSME (Micro, Small and Medium Enterprises) सेक्टर अब तेजी से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की ओर बढ़ रहा है। देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले MSME उद्योग अब पारंपरिक ऑफलाइन बीमा मॉडल को छोड़कर डिजिटल B2B इंश्योरेंस प्लेटफॉर्म की तरफ तेजी से रुख कर रहे हैं। खास बात यह है कि इस बदलाव की अगुवाई Tier-2 और Tier-3 शहर कर रहे हैं।

हाल ही में जारी Policybazaar For Business की रिपोर्ट के अनुसार छोटे शहरों में डिजिटल इंश्योरेंस अपनाने की रफ्तार महानगरों से भी अधिक तेज देखी गई है। रिपोर्ट बताती है कि Tier-3 शहरों में डिजिटल बीमा अपनाने में 46 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई, जबकि Tier-2 शहरों में यह वृद्धि 35 प्रतिशत रही। इसके मुकाबले Tier-1 शहरों में केवल 27 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई।

MSME सेक्टर क्यों है भारत की अर्थव्यवस्था के लिए अहम?

भारत का MSME सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह सेक्टर देश के कुल निर्यात में लगभग 40 प्रतिशत योगदान देता है और 11 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल इंश्योरेंस की ओर बढ़ता रुझान MSME सेक्टर को अधिक सुरक्षित, संगठित और जोखिम-प्रबंधन के लिहाज से मजबूत बना सकता है।

Commercial Insurance बना सबसे बड़ा Growth Driver

रिपोर्ट के अनुसार Commercial Lines Insurance की मांग में सालाना आधार पर 37 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसमें Workmen Compensation Insurance, Property Insurance, Marine Insurance और Liability Insurance जैसी पॉलिसियों की मांग सबसे ज्यादा बढ़ी है।

विशेषज्ञों के मुताबिक MSME कंपनियां अब केवल कारोबार बढ़ाने पर ही नहीं बल्कि बिजनेस रिस्क मैनेजमेंट पर भी ध्यान दे रही हैं। यही कारण है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बीमा खरीदने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है।

‘Make in India’ से बढ़ रही Insurance की जरूरत

रिपोर्ट में कहा गया है कि Manufacturing और Logistics सेक्टर में तेजी से विस्तार हो रहा है। सरकार की “Make in India” पहल के कारण छोटे और मध्यम उद्योगों में उत्पादन क्षमता बढ़ी है, जिससे Liability और Marine Insurance की मांग में भी उछाल आया है।

जैसे-जैसे कंपनियां अपने कारोबार का विस्तार कर रही हैं, उन्हें कानूनी सुरक्षा, माल परिवहन सुरक्षा और कर्मचारी सुरक्षा के लिए बीमा की जरूरत बढ़ रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि Insurance अब केवल सुरक्षा का माध्यम नहीं बल्कि बिजनेस एक्सपेंशन का रणनीतिक हिस्सा बनता जा रहा है।

छोटे शहरों में Digital Platforms ने बदली तस्वीर

पहले छोटे शहरों में व्यवसायों के लिए सही बीमा पॉलिसी तक पहुंचना काफी मुश्किल माना जाता था। अधिकतर बीमा प्रक्रियाएं ऑफलाइन एजेंटों और सीमित विकल्पों पर निर्भर रहती थीं।

लेकिन अब डिजिटल प्लेटफॉर्म MSMEs को आसान, पारदर्शी और कस्टमाइज्ड बीमा विकल्प उपलब्ध करा रहे हैं। इससे Tier-2 और Tier-3 शहरों के व्यवसाय भी बड़े शहरों की तरह विभिन्न प्रकार की पॉलिसियों तक पहुंच बना पा रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के कारण पॉलिसी तुलना, प्रीमियम कैलकुलेशन और क्लेम प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक आसान हुई है।

Formalisation को मिल रहा बढ़ावा

डिजिटल इंश्योरेंस अपनाने से MSME सेक्टर के औपचारिकरण (Formalisation) को भी बढ़ावा मिल रहा है। बीमा कवरेज के जरिए कंपनियां अधिक व्यवस्थित वित्तीय रिकॉर्ड रखने लगी हैं, जिससे उन्हें बैंक लोन, निवेश और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी मदद मिलती है।

रिपोर्ट के अनुसार कई MSMEs अब Risk Management को बिजनेस स्ट्रैटेजी का महत्वपूर्ण हिस्सा मानने लगे हैं।

डिजिटल इंडिया का दिख रहा असर

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में तेजी से बढ़ते इंटरनेट उपयोग, डिजिटल पेमेंट सिस्टम और ऑनलाइन फाइनेंशियल सेवाओं ने छोटे व्यवसायों के व्यवहार में बड़ा बदलाव लाया है।

सरकार की Digital India पहल और फिनटेक कंपनियों के विस्तार ने छोटे व्यवसायों को तकनीक आधारित सेवाएं अपनाने के लिए प्रेरित किया है। इसका सीधा फायदा डिजिटल इंश्योरेंस इंडस्ट्री को मिल रहा है।

भविष्य में और बढ़ सकती है Digital Insurance Market

विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में MSME Digital Insurance Market में और तेजी देखने को मिल सकती है। खासकर AI आधारित Risk Assessment, Instant Claim Settlement और Customized Policies जैसे फीचर्स इस क्षेत्र को और मजबूत बना सकते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार Tier-2 और Tier-3 शहर अब केवल उपभोक्ता बाजार नहीं बल्कि भारत के डिजिटल बिजनेस ग्रोथ इंजन के रूप में उभर रहे हैं।

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