महंगाई का डबल झटका: पेट्रोल-डीजल के बाद अब CNG भी महंगी, ₹2 प्रति किलो बढ़े दाम

देशभर में बढ़ती महंगाई के बीच आम जनता को एक और बड़ा झटका लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद अब CNG यानी Compressed Natural Gas के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं। ईरान-अमेरिका तनाव और Hormuz Strait में बढ़ते संकट के कारण ऊर्जा बाजार पर दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिसका असर अब भारत में गैस कीमतों पर भी दिखाई देने लगा है।

नई दरों के अनुसार दिल्ली में CNG की कीमत ₹77.09 प्रति किलो से बढ़कर ₹79.09 प्रति किलो हो गई है। वहीं मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में भी CNG के दाम ₹2 प्रति किलो तक बढ़ा दिए गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह बढ़ोतरी आम लोगों के दैनिक खर्च और सार्वजनिक परिवहन दोनों पर सीधा असर डाल सकती है।

मुंबई में CNG ₹84 प्रति किलो पहुंची

महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने मुंबई Metropolitan Region (MMR) में CNG की कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की है। नए रेट लागू होने के बाद मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में CNG का भाव बढ़कर ₹84 प्रति किलो हो गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार मुंबई जैसे शहरों में बड़ी संख्या में टैक्सी, ऑटो रिक्शा और बसें CNG पर चलती हैं। ऐसे में इस बढ़ोतरी का असर सीधे ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर दिखाई देगा।

क्यों बढ़े CNG के दाम?

ऊर्जा बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक Middle East Crisis और Hormuz Strait में पैदा हुए तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है। इससे Natural Gas और Crude Oil दोनों की कीमतों में तेजी आई है।

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस महंगी होने का असर घरेलू CNG कीमतों पर पड़ना स्वाभाविक माना जा रहा है।

इसके अलावा डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होने से आयात लागत और बढ़ गई है, जिससे गैस वितरण कंपनियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है।

आम लोगों की जेब पर बढ़ेगा बोझ

CNG की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सबसे ज्यादा उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करते हैं। देश के कई शहरों में ऑटो, टैक्सी और बस सेवाएं CNG आधारित हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर अब किराया बढ़ाने की मांग कर सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों का मासिक खर्च बढ़ जाएगा।

इसके अलावा डिलीवरी सर्विस, लॉजिस्टिक्स और छोटे व्यापारियों पर भी इसका असर पड़ सकता है।

सार्वजनिक परिवहन किराए में बढ़ोतरी की आशंका

CNG महंगी होने के बाद कई शहरों में ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने किराया संशोधन की मांग उठानी शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सार्वजनिक परिवहन के किराए में बढ़ोतरी हो सकती है।

यदि बसों और टैक्सियों का संचालन खर्च बढ़ता है तो इसका असर स्कूल बस, कैब सर्विस और माल ढुलाई दरों पर भी पड़ सकता है।

पेट्रोल-डीजल के बाद अब गैस भी महंगी

हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी करीब ₹3 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई थी। ऐसे में अब CNG के दाम बढ़ने से महंगाई का असर और व्यापक हो सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से खाद्य वस्तुओं, सब्जियों और अन्य आवश्यक सामानों की लागत भी बढ़ सकती है।

सरकार के सामने बढ़ी चुनौती

सरकार के सामने अब महंगाई नियंत्रण बड़ी चुनौती बनती जा रही है। एक तरफ वैश्विक ऊर्जा संकट है, वहीं दूसरी ओर घरेलू स्तर पर महंगाई और ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने का दबाव भी बढ़ रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि Middle East में तनाव जल्द कम नहीं हुआ तो आने वाले समय में ऊर्जा कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

फिलहाल जनता की नजर सरकार और ऊर्जा कंपनियों के अगले कदम पर बनी हुई है।

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