बॉलीवुड अभिनेता जावेद जाफरी के परिवार से करोड़ों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आने के बाद मुंबई में हड़कंप मच गया है। अभिनेता की पत्नी हबीबा जाफरी से करीब 16.24 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में BMC के सहायक आयुक्त सहित कुल छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
मुंबई पुलिस के अनुसार आरोपियों ने खुद को बड़े बिल्डरों, सरकारी अधिकारियों और हाई-प्रोफाइल बिजनेस नेटवर्क से जुड़ा बताकर जाफरी परिवार और अन्य लोगों को निवेश के नाम पर फंसाया। मामले में अब बड़े रियल एस्टेट और फर्जी दस्तावेज गिरोह की जांच भी शुरू हो गई है।
कौन है गिरफ्तार आरोपी?
मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने कारोबारी निशित पटेल को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट और नकली दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया।
इस मामले में BMC के जी-साउथ वॉर्ड के सहायक आयुक्त महेश पाटिल, रूपेश, सागर मेहता, देवेंद्र पडवल और अन्य लोगों के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल 2024 में हबीबा जाफरी को अंधेरी स्थित उनके बंगले के प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़ी एक नोटिस मिली थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात अली रजा नामक परिचित के जरिए BMC अधिकारी महेश पाटिल से कराई गई।
पुलिस के मुताबिक महेश पाटिल ने पहले टैक्स विवाद सुलझाने का भरोसा दिया और बाद में बांद्रा वेस्ट स्थित एक बड़े कमर्शियल प्रोजेक्ट में निवेश का सुझाव दिया।
आरोपी निशित पटेल ने दावा किया कि इस प्रोजेक्ट में पहले से 150 करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है और दिसंबर 2025 तक कमर्शियल स्पेस का कब्जा मिल जाएगा।
नकली दस्तावेज और फर्जी प्रोजेक्ट से जीता भरोसा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने जाफरी परिवार के घर कई बार जाकर प्रोजेक्ट के नक्शे, लेटरहेड, फर्जी LOI (Letter of Intent), फोटो और वीडियो दिखाए।
आरोपियों ने खुद को बड़े बिल्डर्स और विदेशी निवेशकों से जुड़ा बताकर परिवार का भरोसा जीता। इसी भरोसे में जाफरी परिवार ने अपने फ्लैट और बंगले बेचकर निवेश के लिए बड़ी रकम दी।
पुलिस के मुताबिक यह रकम कई कंपनियों के खातों में ट्रांसफर की गई, जिनमें:
- पूजन टेक्नोलॉजीज
- उदित ट्रेडर्स
- एशियन फूड
- RPPL मल्टी ट्रेड
जैसी कंपनियां शामिल हैं।
घर पर ही की गई फर्जी रजिस्ट्री
मामले का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा फर्जी रजिस्ट्री प्रक्रिया को माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार आरोपी सरकारी मशीन जैसी डिवाइस लेकर जाफरी परिवार के घर पहुंचे थे।
उन्होंने फोटो, फिंगरप्रिंट और डिजिटल सिग्नेचर लेकर रजिस्ट्री पूरी करने का दावा किया। बाद में परिवार को नकली दस्तावेज सौंप दिए गए।
जब असली रजिस्ट्री दस्तावेज मांगे गए तो कहा गया कि वे बिल्डर के पास सुरक्षित हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपी निशित पटेल ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार करने की बात स्वीकार कर ली है।
कई अन्य लोगों से भी करोड़ों की ठगी का शक
मुंबई क्राइम ब्रांच अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस को आशंका है कि इसी तरह कई अन्य कलाकारों, कारोबारियों और प्रभावशाली लोगों को भी निशाना बनाया गया हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार जावेद जाफरी, हबीबा जाफरी और नावेद जाफरी समेत कई लोगों ने इस स्कीम में निवेश किया था।
पुलिस के मुताबिक कुल 16.24 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी में नकद राशि, विदेशी मुद्रा और लग्जरी घड़ियां भी शामिल हैं।
आरोपी को पुलिस कस्टडी में भेजा गया
गिरफ्तार आरोपी निशित पटेल को अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उसे 19 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
पुलिस अब बैंक ट्रांजैक्शन, फर्जी दस्तावेजों और रियल एस्टेट नेटवर्क की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस मामले में और बड़े नाम तो शामिल नहीं हैं।
रियल एस्टेट निवेशकों के लिए चेतावनी
विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े रिटर्न और हाई-प्रोफाइल संपर्कों के नाम पर किए जा रहे निवेश प्रस्तावों से सावधान रहना जरूरी है।
रियल एस्टेट निवेश से पहले:
- सरकारी रिकॉर्ड जांचें
- RERA रजिस्ट्रेशन सत्यापित करें
- कानूनी दस्तावेजों की पुष्टि करें
- केवल भरोसेमंद सलाहकारों की मदद लें
विशेषज्ञों के अनुसार बिना सत्यापन करोड़ों का निवेश करना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।
