देश में महंगाई का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद अब CNG उपभोक्ताओं को भी बड़ा झटका लगा है। दिल्ली-NCR समेत कई शहरों में CNG की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी कर दी गई है। सिर्फ दो दिनों के भीतर दूसरी बार दाम बढ़ने से आम जनता, ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों और दैनिक यात्रियों की चिंता बढ़ गई है।
वैश्विक स्तर पर मध्य-पूर्व में जारी तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद रहने के कारण गैस और कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर अब भारतीय बाजारों में भी साफ दिखाई देने लगा है।
दिल्ली-NCR में CNG के नए दाम
नई दरें 17 मई 2026 सुबह 6 बजे से लागू कर दी गई हैं। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने प्रति किलो CNG पर ₹1 की अतिरिक्त बढ़ोतरी की घोषणा की है।
प्रमुख शहरों में CNG के ताजा रेट:
- दिल्ली: ₹80.09 प्रति किलो
- नोएडा/गाजियाबाद: ₹88.70 प्रति किलो
- गुरुग्राम: ₹85.12 प्रति किलो
- मेरठ/मुजफ्फरनगर/शामली: ₹88.58 प्रति किलो
- कानपुर: ₹91.42 प्रति किलो
- अजमेर: ₹89.44 प्रति किलो
- बांदा: ₹86.42 प्रति किलो
- हापुड़: ₹89.70 प्रति किलो
इससे पहले भी सरकार ने दो दिन पहले ₹2 प्रति किलो की बढ़ोतरी की थी।

क्यों बढ़ रहे हैं CNG के दाम?
IGL के अनुसार:
- इनपुट गैस की लागत बढ़ गई है
- अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा संकट गहराया है
मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के लगभग 20% तेल परिवहन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक:
- गैस आयात महंगा हो गया है
- भारतीय कंपनियों का लागत दबाव बढ़ा है
- सरकार पर सब्सिडी और महंगाई दोनों का दबाव है
आम जनता पर क्या होगा असर?
देश के कई बड़े शहरों में:
- ऑटो
- टैक्सी
- बसें
- कमर्शियल वाहन
बड़ी संख्या में CNG पर चलते हैं। ऐसे में CNG महंगी होने का सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ेगा।
मुंबई में ऑटो यूनियनों ने पहले ही किराया बढ़ाने की मांग शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि दिल्ली-NCR में भी जल्द:
- ऑटो किराया
- कैब चार्ज
- सार्वजनिक परिवहन किराया
बढ़ सकता है।
महंगाई पर पड़ेगा सीधा असर
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से:
- ट्रांसपोर्ट कॉस्ट बढ़ती है
- खाद्य पदार्थ महंगे होते हैं
- लॉजिस्टिक्स खर्च बढ़ता है
- खुदरा महंगाई तेज हो सकती है
यानी आने वाले दिनों में सब्जियों, दूध, राशन और रोजमर्रा की वस्तुओं के दामों पर भी असर देखने को मिल सकता है।
तेल कंपनियों पर बढ़ रहा घाटा
सरकारी तेल कंपनियां:
- इंडियन ऑयल (IOC)
- भारत पेट्रोलियम (BPCL)
- हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL)
लगातार बढ़ती वैश्विक कीमतों के कारण भारी नुकसान झेल रही हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक:
- कंपनियों को प्रतिदिन लगभग ₹1600 करोड़ का नुकसान हो रहा है
- कंपनियां महंगा कच्चा तेल खरीद रही हैं
- लेकिन पूरी लागत उपभोक्ताओं पर नहीं डाल पा रही हैं
इसी वजह से धीरे-धीरे ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी की जा रही है।
सरकार की चिंता बढ़ी
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हाल ही में नागरिकों से:
- ईंधन बचाने
- कम यात्रा करने
- वर्क फ्रॉम होम अपनाने
की अपील की थी।
दिल्ली सरकार ने भी सरकारी दफ्तरों में सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने की घोषणा की है ताकि ईंधन खपत कम की जा सके।
आगे और बढ़ सकते हैं दाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि:
- ईरान संकट जारी रहा
- हॉर्मुज मार्ग बंद रहा
- डॉलर और मजबूत हुआ
तो आने वाले हफ्तों में:
- CNG
- LPG
- पेट्रोल
- डीजल
की कीमतों में और बढ़ोतरी संभव है।
