गुरुवार शाम बिटकॉइन कुछ समय के लिए $61,000 के नीचे फिसल गया, क्योंकि “डिजिटल गोल्ड” कहे जाने वाले इस एसेट पर निवेशकों का भरोसा लगातार कमजोर होता जा रहा है। एक समय बिटकॉइन $60,062 तक लुढ़क गया। रात के कारोबार में बिकवाली तेज होने के साथ बिटकॉइन करीब 15% टूटकर $62,448 पर कारोबार करता दिखा।
डिजिटल एसेट्स, खासकर बिटकॉइन, लगातार लाल निशान में जाते नजर आ रहे हैं। निवेशक अब उस टोकन की उपयोगिता पर दोबारा विचार कर रहे हैं, जिसे महंगाई से बचाव, मैक्रोइकोनॉमिक अनिश्चितताओं का समाधान और गोल्ड के विकल्प के रूप में पेश किया गया था। हालिया महीनों में ये दावे सही साबित नहीं हो पाए हैं।

अक्टूबर की शुरुआत में बिटकॉइन $126,000 के शिखर पर था, लेकिन अब यह तेजी से नीचे आ चुका है। गुरुवार को पहले यह $70,000 के अहम स्तर से नीचे टूटा और उसके बाद बिकवाली और तेज हो गई। सिर्फ इस हफ्ते ही बिटकॉइन करीब 30% गिर चुका है।
डॉयचे बैंक की एनालिस्ट मैरियन लाबूरे के मुताबिक, “यह लगातार बिकवाली दिखाती है कि पारंपरिक निवेशक क्रिप्टो से दूरी बना रहे हैं और बाजार में निराशा बढ़ रही है।”
बीते एक साल में बिटकॉइन करीब 40% टूटा है, जबकि इसी अवधि में गोल्ड फ्यूचर्स 61% चढ़े हैं। अन्य क्रिप्टोकरेंसी भी बुरी तरह गिर रही हैं — ईथर इस हफ्ते 33% टूटा है, जबकि सोलाना लगभग दो साल के निचले स्तर $88.42 तक आ गया है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि $70,000 बिटकॉइन के लिए एक अहम मनोवैज्ञानिक स्तर है। इसके नीचे जाने पर कीमतें $60,000–$65,000 के दायरे तक फिसल सकती हैं।
इस गिरावट के पीछे अमेरिकी टेक शेयरों में कमजोरी, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और फेड की सख्त नीति जैसे कारण भी बताए जा रहे हैं। इसके अलावा जबरन लिक्विडेशन (Forced Liquidation) भी बाजार पर दबाव बना रहा है। इस हफ्ते अब तक $2 अरब से ज्यादा की क्रिप्टो पोजीशन लिक्विडेट हो चुकी है।
क्रिप्टोक्वांट की रिपोर्ट के अनुसार, संस्थागत निवेशकों की मांग भी अब पलट गई है। अमेरिकी बिटकॉइन ETF, जो पिछले साल बड़ी खरीदारी कर रहे थे, 2026 में नेट सेलर बन चुके हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बिटकॉइन मार्च 2022 के बाद पहली बार अपने 365-दिन के मूविंग एवरेज से नीचे चला गया है, जो आगे और गिरावट का संकेत देता है।
