इज़राइल दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बैठक कर कई महत्वपूर्ण समझौतों (MoU) पर हस्ताक्षर किए। दोनों नेताओं के बीच आज (26 फरवरी) अहम बैठक हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, टेक्नोलॉजी और कृषि सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की गई। इसके बाद दोनों नेताओं ने समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए और आपसी समझौतों का आदान-प्रदान हुआ।
पीएम मोदी ने नेतन्याहू को मित्र कहकर संबोधन शुरू किया
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने नेतन्याहू को अपना मित्र बताते हुए संबोधन शुरू किया। उन्होंने कहा कि वे और भारतीय प्रतिनिधिमंडल इज़राइल द्वारा किए गए गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभारी हैं। उन्होंने कहा, “9 साल पहले मुझे प्रधानमंत्री के रूप में इज़राइल आने का अवसर मिला था, और यह मेरा दूसरा भावनात्मक दौरा है। कल मुझे संसद को संबोधित करने का अवसर मिला और ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ देकर सम्मानित किया गया। मैं इस सम्मान को 140 करोड़ भारतीयों और भारत-इज़राइल मित्रता को समर्पित करता हूं।”
दोनों देशों के बीच हुए प्रमुख समझौते
प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के संबंध हर कसौटी पर सफल रहे हैं और भविष्य में भी सहयोग बढ़ेगा। बैठक में निम्न समझौतों पर सहमति बनी:
- स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप – दोनों देशों ने अपनी साझेदारी को “विशेष रणनीतिक साझेदारी” का दर्जा देने पर सहमति जताई।
- क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप – AI, क्वांटम कंप्यूटिंग और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा।
- सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और विलेज ऑफ एक्सीलेंस – भारत में इज़राइल सहयोग से चल रहे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाकर 100 करने और विलेज ऑफ एक्सीलेंस बनाने का निर्णय।
- इंडिया-इज़राइल अकादमिक फोरम – शिक्षा और रिसर्च सहयोग के लिए नया मंच बनाया जाएगा।
- विभिन्न क्षेत्रों में MoU – रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, टेक्नोलॉजी और कृषि में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौते।
- आतंकवाद के खिलाफ सहयोग – आतंकवाद से मुकाबले में मिलकर काम करने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग की सहमति।
भविष्य में होने वाले समझौते
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भविष्य में भी कई समझौते होंगे, जिनमें प्रमुख हैं:
- फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) – भारत और इज़राइल के बीच जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा।
- केयरगिवर्स सहयोग का विस्तार – भारतीय कामगारों के सहयोग को नए क्षेत्रों तक बढ़ाया जाएगा।
- फ्यूचर रेडी फार्मिंग – आधुनिक तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।
- IMEC कॉरिडोर और I2U2 प्रोजेक्ट – बड़े वैश्विक प्रोजेक्ट्स पर तेज गति से काम।
- आर्थिक और सामाजिक परियोजनाएं – दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध मजबूत करने पर जोर।
इज़राइल की टेक्नोलॉजी भारत के गांवों तक पहुंचेगी
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में इज़राइल के सहयोग से स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की संख्या 100 तक बढ़ाई जाएगी और विलेज ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे। इससे इज़राइल की आधुनिक तकनीक भारत के गांवों तक पहुंचेगी और किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा।
यह बैठक India और Israel के बीच रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
