Major Cyber Security Breach Alleged: देश के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में शामिल बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) एक बार फिर साइबर सुरक्षा से जुड़े गंभीर दावों को लेकर चर्चा में है। साइबर सिक्योरिटी और डार्क वेब मॉनिटरिंग से जुड़ी रिपोर्टों में दावा किया गया है कि बैंक के लाखों ग्राहकों का संवेदनशील डेटा कथित तौर पर डार्क वेब पर लीक हो गया है और एक अज्ञात हैकर समूह इसे बिक्री के लिए पेश कर रहा है।
हालांकि, बैंक ऑफ बड़ौदा ने अभी तक डेटा लीक की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। बैंक ने कहा है कि वह इन दावों की गंभीरता से जांच कर रहा है।
डार्क वेब पर क्या जानकारी लीक होने का दावा?
साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं के अनुसार, कथित रूप से लीक हुए डेटाबेस में ग्राहकों की कई संवेदनशील जानकारियां शामिल होने का दावा किया गया है, जिनमें:
- ग्राहक का नाम
- मोबाइल नंबर
- ईमेल आईडी
- आवासीय पता
- बैंक खाता संख्या
- कुछ वित्तीय लेनदेन से जुड़ी जानकारी
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि नेट बैंकिंग पासवर्ड, UPI PIN, OTP, डेबिट/क्रेडिट कार्ड CVV या अन्य अत्यधिक संवेदनशील प्रमाण-पत्र इस कथित लीक का हिस्सा हैं या नहीं।
बैंक ऑफ बड़ौदा ने क्या कहा?
सोशल मीडिया और तकनीकी मंचों पर यह दावा वायरल होने के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा ने आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी की।
बैंक ने कहा कि:
- कथित डेटा लीक की विस्तृत जांच की जा रही है।
- आईटी और साइबर सिक्योरिटी टीमें सर्वर और डेटाबेस का ऑडिट कर रही हैं।
- ग्राहकों के धन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- फिलहाल ग्राहकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
बैंक ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक जानकारी साझा की जाएगी।
ग्राहकों के लिए कितना बड़ा खतरा?
यदि किसी डेटा लीक की पुष्टि होती है, तो साइबर अपराधी इस जानकारी का उपयोग कर सकते हैं:
- फिशिंग ईमेल भेजने में
- फर्जी बैंक कॉल करने में
- OTP या UPI PIN हासिल करने की कोशिश में
- केवाईसी अपडेट के नाम पर धोखाधड़ी करने में
- ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड के लिए
हालांकि, केवल व्यक्तिगत जानकारी के लीक होने का अर्थ यह नहीं है कि बैंक खाते से सीधे पैसे निकाले जा सकते हैं। इसके लिए अतिरिक्त प्रमाणीकरण की आवश्यकता होती है।
साइबर विशेषज्ञों ने दी यह सलाह
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने बैंक ऑफ बड़ौदा के ग्राहकों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है।
उन्होंने सलाह दी है कि:
- किसी भी अनजान कॉल, ईमेल या SMS पर भरोसा न करें।
- OTP, UPI PIN, नेट बैंकिंग पासवर्ड या CVV किसी के साथ साझा न करें।
- संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
- समय-समय पर नेट बैंकिंग पासवर्ड बदलते रहें।
- बैंक खाते और UPI लेनदेन पर नियमित नजर रखें।
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत बैंक और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करें।
जांच जारी
फिलहाल इस कथित डेटा लीक की जांच जारी है और अभी तक किसी सरकारी एजेंसी या बैंक द्वारा इसकी अंतिम पुष्टि नहीं की गई है। ग्राहकों को केवल आधिकारिक बैंक संदेशों पर भरोसा करने और अफवाहों से बचने की सलाह दी गई है।
