Crude Oil Price Drop: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव में नरमी आने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ सैन्य कार्रवाई टालकर कूटनीतिक बातचीत शुरू करने की घोषणा के बाद वैश्विक बाजारों में राहत का माहौल बना। इसके चलते ब्रेंट क्रूड और WTI क्रूड दोनों की कीमतों में लगभग 5% तक की गिरावट देखने को मिली। इससे भारत में भी भविष्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
ट्रंप ने क्या कहा?
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि फिलहाल ईरान पर प्रस्तावित सैन्य हमला टाल दिया गया है। उनके अनुसार यदि यह हमला होता, तो यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा सैन्य अभियान हो सकता था।
उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे अभी भी संवेदनशील बने हुए हैं, लेकिन अधिक जनहानि से बचने के लिए कूटनीतिक समाधान सबसे बेहतर विकल्प है।
एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने बताया कि सोमवार दोपहर से तेहरान के साथ नई वार्ता शुरू होगी, हालांकि किसी समझौते की समयसीमा तय नहीं की गई है।
कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट
ट्रंप के बयान के बाद वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
- ब्रेंट क्रूड की कीमत 4.80% से अधिक गिरकर लगभग 83 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई।
- WTI क्रूड भी 5.30% गिरकर लगभग 80 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सफल रहती है, तो आने वाले समय में तेल की कीमतों पर और दबाव बन सकता है।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य क्यों है अहम?
दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से वैश्विक कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की लगभग 20% आपूर्ति होती है।
इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का तनाव या सैन्य गतिविधि तेल की आपूर्ति को प्रभावित कर सकती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं। इसलिए निवेशकों की नजर लगातार इस क्षेत्र की गतिविधियों पर बनी रहती है।
शेयर बाजार में भी लौटी तेजी
ईरान के साथ बातचीत शुरू होने की खबर से अमेरिकी शेयर बाजारों में भी शानदार तेजी देखने को मिली।
- डाउ जोन्स करीब 276.97 अंक चढ़कर बंद हुआ।
- S&P 500 में 51 अंकों की बढ़त दर्ज की गई।
वैश्विक सकारात्मक संकेतों का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखा।
- BSE सेंसेक्स 789 अंकों की तेजी के साथ 78,883 पर खुला।
- NSE निफ्टी ने 24,500 के स्तर को पार करते हुए मजबूत शुरुआत की।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी रहती है, तो भारत जैसे तेल आयातक देशों को राहत मिल सकती है और महंगाई पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
