वैश्विक टेक्निकल टेक्सटाइल्स इंडस्ट्री तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रही है। ऑटोमोबाइल, डिफेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्रियल सेफ्टी और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों में हाई-परफॉर्मेंस और टिकाऊ टेक्सटाइल्स की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी बीच Aditya Birla Group ने टेक्निकल टेक्सटाइल्स सेक्टर में अपनी मजबूत और एकीकृत रणनीति पेश करते हुए वैश्विक बाजार में बड़ा संदेश दिया है।

Mr. Kapil Agrawal, Business Head – Textiles, Aditya Birla Group
जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में आयोजित Techtextil 2026 प्रदर्शनी में समूह ने ‘One ABG Technical Textiles’ प्लेटफॉर्म के तहत अपनी विभिन्न टेक्सटाइल इकाइयों को एक साथ पेश किया। इसमें Aditya Birla Yarn, Century Enka, Birla Cellulose और Viscose Filament Yarn जैसी इकाइयों को एकीकृत किया गया है। कंपनी का उद्देश्य केवल कच्चा माल सप्लाई करने वाली कंपनी बनना नहीं, बल्कि ग्लोबल टेक्निकल टेक्सटाइल्स इंडस्ट्री के लिए एंड-टू-एंड सॉल्यूशन पार्टनर बनना है।
कंपनी के बिजनेस हेड – टेक्सटाइल्स Kapil Agrawal के अनुसार, वैश्विक ग्राहक अब ऐसे पार्टनर्स की तलाश में हैं जो स्केल, इनोवेशन, विश्वसनीयता और टिकाऊ समाधान एक साथ प्रदान कर सकें। इसी रणनीति के तहत समूह ने फाइबर, यार्न, टेक्निकल फैब्रिक्स और एडवांस्ड एप्लिकेशन को एक मंच पर लाने का फैसला किया है।

किन सेक्टर्स पर फोकस कर रहा है समूह?
आदित्य बिड़ला ग्रुप ने MobilTech, ProTech, InduTech, HomeTech और GeoTech जैसे प्रमुख टेक्निकल टेक्सटाइल सेगमेंट्स पर फोकस बढ़ाया है। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में हल्के लेकिन मजबूत मटेरियल की मांग, सुरक्षा मानकों में बढ़ोतरी और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के विस्तार ने हाई-परफॉर्मेंस टेक्सटाइल्स की जरूरत को बढ़ा दिया है।
डिफेंस और फायरफाइटिंग जैसे क्षेत्रों के लिए कंपनी फ्लेम-रेसिस्टेंट और हीट-रेसिस्टेंट टेक्सटाइल्स विकसित कर रही है। कंपनी का कहना है कि ग्राहक अब केवल सतही कोटिंग वाले उत्पादों की बजाय ऐसे फाइबर चाहते हैं जो स्वाभाविक रूप से अग्निरोधक हों और लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान करें।
इनोवेशन और सस्टेनेबिलिटी पर बड़ा जोर
आदित्य बिड़ला ग्रुप ने मटेरियल साइंस और रिसर्च को अपनी रणनीति का मुख्य आधार बनाया है। समूह रीसाइकल्ड नायलॉन टायर कॉर्ड फैब्रिक्स, फ्लेम-रिटार्डेंट विस्कोस फाइबर और एडवांस्ड यार्न ब्लेंड्स जैसे उत्पाद विकसित कर रहा है। कंपनी का दावा है कि उसके नए समाधान हाई परफॉर्मेंस के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल भी हैं।
ग्रुप का कहना है कि “सर्कुलैरिटी” यानी रिसाइक्लिंग और संसाधनों के पुनः उपयोग को उसने अपनी पूरी मैन्युफैक्चरिंग रणनीति का हिस्सा बनाया है। इसके तहत कंपनी रीसाइकल्ड फाइबर प्लेटफॉर्म, नवीकरणीय ऊर्जा और रिसोर्स-एफिशिएंट मैन्युफैक्चरिंग तकनीकों पर तेजी से निवेश कर रही है।
भारत बन सकता है टेक्निकल टेक्सटाइल्स का ग्लोबल हब
रिपोर्ट के अनुसार भारत दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा टेक्निकल टेक्सटाइल्स बाजार बन चुका है और यह करीब 7.6% CAGR की दर से बढ़ रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, डिफेंस मॉडर्नाइजेशन और National Technical Textiles Mission जैसी सरकारी पहलों से इस सेक्टर को बड़ी मजबूती मिल रही है।
आदित्य बिड़ला ग्रुप का मानना है कि भारत में टेक्निकल टेक्सटाइल्स की पहुंच अभी भी कई क्षेत्रों में सीमित है, इसलिए आने वाले वर्षों में इस इंडस्ट्री में जबरदस्त ग्रोथ देखने को मिल सकती है। समूह भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है।
सहयोग आधारित मॉडल पर काम
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि टेक्निकल टेक्सटाइल्स में सफलता केवल एक उत्पाद या एक मटेरियल से नहीं मिलती, बल्कि पूरी वैल्यू चेन के सहयोग से मिलती है। इसी कारण समूह ग्राहकों के साथ मिलकर को-डेवलपमेंट मॉडल पर काम कर रहा है ताकि नए समाधान तेजी से विकसित किए जा सकें।
आदित्य बिड़ला ग्रुप की यह रणनीति भारत को पारंपरिक टेक्सटाइल्स से आगे बढ़ाकर हाई-वैल्यू और एडवांस्ड टेक्निकल टेक्सटाइल्स के क्षेत्र में मजबूत वैश्विक खिलाड़ी बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
