भीषण गर्मी ने ली जान: सूरत में टेक्सटाइल मिल कर्मचारी की संदिग्ध हीटस्ट्रोक से मौत, अस्पतालों में बनाए गए विशेष वार्ड

गुजरात के सूरत में लगातार बढ़ती गर्मी अब जानलेवा साबित होने लगी है। शहर में एक टेक्सटाइल मिल कर्मचारी की संदिग्ध हीटस्ट्रोक के कारण मौत हो गई है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन अलर्ट मोड में आ गए हैं। सूरत के सरकारी अस्पतालों में हीटस्ट्रोक मरीजों के लिए विशेष वार्ड तैयार किए गए हैं, जबकि प्रशासन ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।

मृतक की पहचान 30 वर्षीय अनुज कुमार शाह के रूप में हुई है, जो बिहार के गोपालगंज का रहने वाला था और सूरत के सचिन GIDC स्थित एक टेक्सटाइल यूनिट में काम करता था। पुलिस के अनुसार वह काम खत्म कर दोपहर की तेज धूप में घर लौट रहा था, तभी रास्ते में अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। राहगीरों ने उसे तुरंत New Civil Hospital पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

डॉक्टरों ने जताई हीटस्ट्रोक की आशंका

New Civil Hospital के Resident Medical Officer डॉ. केतन नाइक ने बताया कि युवक को अस्पताल लाने तक उसकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। शरीर में अत्यधिक डिहाइड्रेशन पाया गया और लंबे समय तक तेज धूप में रहने के संकेत मिले। पोस्टमॉर्टम में किसी प्रकार की चोट या अन्य गंभीर बीमारी के संकेत नहीं मिले हैं। मौत के सही कारण की पुष्टि के लिए सैंपल फॉरेंसिक साइंस लैब भेजे गए हैं।

सचिन GIDC पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जानकारी के आधार पर हीटस्ट्रोक मौत की संभावित वजह मानी जा रही है।

सूरत में सामान्य से 7 डिग्री अधिक पहुंचा तापमान

पिछले कुछ दिनों में सूरत में तापमान सामान्य से लगभग 6 से 7 डिग्री अधिक रिकॉर्ड किया गया। 12 मई को शहर का अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जो सामान्य से काफी ज्यादा था। मौसम विभाग के अनुसार समुद्री तटीय क्षेत्र होने के बावजूद उत्तर और पश्चिम दिशा से आने वाली गर्म हवाओं ने सूरत में Heat Wave जैसी स्थिति पैदा कर दी।

India Meteorological Department (IMD) ने गुजरात के कई जिलों में हीटवेव को लेकर Orange Alert जारी किया है। खासतौर पर कच्छ और सुरेंद्रनगर जैसे इलाकों में अत्यधिक गर्मी को लेकर चेतावनी दी गई है।

अस्पतालों में बनाए गए विशेष Heat Stroke Ward

गर्मी के बढ़ते मामलों को देखते हुए सूरत के New Civil Hospital और SMIMER Hospital में विशेष Heat Stroke Ward तैयार किए गए हैं। New Civil Hospital में 10 बेड का अलग वार्ड बनाया गया है, जबकि SMIMER अस्पताल में 25 बेड की सुविधा तैयार की गई है। यहां कूलर, एयर कंडीशनिंग, ठंडे पानी और बाथ टब जैसी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार प्रतिदिन कई मरीज हीटस्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और तेज बुखार जैसी समस्याओं के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों को विशेष सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने शुरू किया राहत अभियान

Surat Municipal Corporation (SMC) ने शहर में गर्मी से बचाव के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। फुटपाथों पर रहने वाले लोगों को Shelter Homes में शिफ्ट किया जा रहा है। अब तक 1400 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

इसके अलावा शहर के 155 BRTS बस स्टॉप पर ठंडे पानी और ORS की व्यवस्था की गई है। ट्रैफिक सिग्नल पर अस्थायी शेड लगाए गए हैं ताकि धूप से राहत मिल सके। निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूरों के लिए भी पीने के पानी और ORS की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार हीटस्ट्रोक का सबसे अधिक खतरा बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं, मजदूरों और खुले में काम करने वाले लोगों को होता है। शरीर में पानी की कमी, लगातार धूप में रहना और अत्यधिक शारीरिक श्रम Heat Stroke का कारण बन सकते हैं।

डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच धूप में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है।

क्या होता है Heat Stroke?

Heat Stroke अत्यधिक गर्मी के कारण शरीर का तापमान तेजी से बढ़ जाने की गंभीर स्थिति है। इसमें शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच सकता है। समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।

इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, चक्कर आना, बेहोशी, उल्टी, कमजोरी और सांस लेने में तकलीफ शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार शुरुआती लक्षण दिखते ही तुरंत मेडिकल सहायता लेनी चाहिए।

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