अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध जैसे हालात और वैश्विक शेयर बाजारों में आई भारी गिरावट का असर अब भारत के कमोडिटी मार्केट पर भी साफ दिखाई देने लगा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में चांदी के दाम ₹6900 से ज्यादा टूट गए, लेकिन बाद में सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के चलते बाजार में शानदार रिकवरी दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि मिडल ईस्ट संकट, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण निवेशक अब फिर से गोल्ड और सिल्वर जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
चांदी में भारी गिरावट के बाद जोरदार वापसी
MCX के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 3 जुलाई 2026 कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी (Silver Futures) की शुरुआत ₹2,67,400 प्रति किलोग्राम पर हुई थी। कारोबार के दौरान इसमें भारी बिकवाली देखने को मिली और भाव गिरकर ₹2,64,949 के निचले स्तर तक पहुंच गया।
यह पिछले बंद भाव ₹2,71,886 की तुलना में करीब ₹6900 से अधिक की गिरावट थी। हालांकि, बाद में बाजार में खरीदारी लौटने से चांदी ने जोरदार रिकवरी की और दिन के दौरान ₹2,74,145 का उच्चतम स्तर छुआ।
समाचार लिखे जाने तक चांदी ₹1709 यानी 0.63 प्रतिशत की तेजी के साथ ₹2,73,595 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखाई दी।
सोने में भी तेजी कायम
दूसरी ओर, सोने के दामों में भी मजबूती देखने को मिली। 5 जून 2026 कॉन्ट्रैक्ट वाले सोने (Gold Futures) की शुरुआत ₹1,58,076 प्रति 10 ग्राम पर हुई थी।
कारोबार के दौरान सोना ₹1,57,547 के निचले स्तर तक फिसला, लेकिन बाद में मजबूत रिकवरी के साथ ₹1,58,850 तक पहुंच गया। अंतिम कारोबारी सत्र में सोना ₹153 यानी 0.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹1,58,700 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखाई दिया।
क्यों बढ़ रही है सोने-चांदी की मांग?
कमोडिटी बाजार के जानकारों के अनुसार, जब भी दुनिया में युद्ध, राजनीतिक तनाव या आर्थिक संकट गहराता है, निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सुरक्षित संपत्तियों में निवेश बढ़ा देते हैं।
ईरान संकट और हॉर्मुज स्ट्रेट से जुड़े तनाव ने वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ा दी है। इसके अलावा दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट के चलते निवेशक जोखिम वाले निवेश से दूरी बना रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मिडल ईस्ट में तनाव और बढ़ता है, तो आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में और बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। ऐसे में छोटे निवेशकों को जल्दबाजी में बड़ा निवेश करने से बचना चाहिए।
हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना और चांदी अभी भी सुरक्षित निवेश विकल्प माने जा रहे हैं। अगर वैश्विक तनाव लंबा चलता है, तो दोनों धातुओं में और तेजी संभव है।
