टेलीकॉम कंपनी Vodafone Idea (Vi) को बड़ी कानूनी राहत मिली है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा लगाए गए वन-टाइम स्पेक्ट्रम चार्ज (OTSC) से जुड़े मांग नोटिसों को रद्द कर दिया है। इस फैसले से कंपनी को लगभग ₹2,113 करोड़ की राहत मिलने की बात कही जा रही है, जबकि उद्योग स्तर पर कुल राहत का आंकड़ा हजारों करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि सरकार टेलीकॉम लाइसेंस की वित्तीय शर्तों को पूर्व प्रभाव (Retrospective Effect) से नहीं बदल सकती। हाईकोर्ट ने नवंबर और दिसंबर 2012 में केंद्र सरकार द्वारा जारी उन आदेशों को भी निरस्त कर दिया, जिनके आधार पर अतिरिक्त स्पेक्ट्रम शुल्क वसूला जा रहा था।
यह मामला 6.2 मेगाहर्ट्ज से अधिक स्पेक्ट्रम रखने वाले टेलीकॉम ऑपरेटरों पर लगाए गए वन-टाइम स्पेक्ट्रम चार्ज से जुड़ा था। DoT का तर्क था कि कंपनियों को अतिरिक्त स्पेक्ट्रम के लिए अलग से भुगतान करना चाहिए, जबकि कंपनियों ने कहा कि वे पहले से ही लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क का भुगतान कर रही हैं।
अदालत ने Vodafone Idea और Bharti Airtel के पक्ष में फैसला सुनाते हुए संबंधित डिमांड नोटिसों को रद्द कर दिया और कंपनियों द्वारा जमा कराई गई बैंक गारंटी वापस करने का भी निर्देश दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला टेलीकॉम सेक्टर में निवेशकों का भरोसा बढ़ाएगा और कंपनियों पर वर्षों से लटके कानूनी एवं वित्तीय जोखिम को कम करेगा। फैसले के बाद Vodafone Idea और Airtel के शेयरों में भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली।
हालांकि, स्पेक्ट्रम शुल्क से जुड़ी कुछ व्यापक कानूनी प्रक्रियाएं अभी भी विभिन्न अदालतों में लंबित हैं, इसलिए इस मामले का अंतिम प्रभाव आने वाले समय में और स्पष्ट होगा।
