भारत में भविष्य की महामारी को समय रहते पकड़ने के लिए अब बड़ा कदम उठाया गया है। Indian Council of Medical Research (ICMR) ने ‘सिंड्रोमिक सर्विलांस’ (Syndromic Surveillance) सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में काम तेज कर दिया है, जिससे किसी भी बीमारी के फैलने से पहले ही अलर्ट मिल सके।
क्या है सिंड्रोमिक सर्विलांस सिस्टम?
ICMR का यह सिस्टम पारंपरिक तरीकों से अलग है।
- यह बीमारी की पुष्टि (लैब टेस्ट) का इंतजार नहीं करता
- बल्कि लक्षणों (Symptoms) के आधार पर निगरानी करता है
- जैसे: बुखार, खांसी, दस्त, दाने, न्यूरोलॉजिकल लक्षण
इससे बीमारी के फैलने का संकेत पहले ही मिल सकता है, जिससे समय पर कार्रवाई संभव होती है
क्यों जरूरी है यह सिस्टम?
भारत जैसे बड़े देश में कई बार बीमारी फैलने का पता देर से चलता है।
- मरीजों को जांच में समय लगता है
- रिपोर्ट आने तक संक्रमण फैल सकता है
- स्वास्थ्य सिस्टम पर अचानक दबाव बढ़ जाता है
ICMR का मानना है कि लक्षणों के क्लस्टर (Clusters) को ट्रैक करके शुरुआती स्तर पर ही बीमारी को रोका जा सकता है
कैसे काम करेगा यह मॉडल?
सिंड्रोमिक सर्विलांस एक अर्ली वार्निंग सिस्टम की तरह काम करता है:
- अस्पतालों और क्लीनिक से डेटा इकट्ठा किया जाएगा
- लक्षणों के पैटर्न को एनालाइज किया जाएगा
- किसी क्षेत्र में अचानक समान लक्षण बढ़ने पर अलर्ट जारी होगा
यह सिस्टम बीमारी के फैलाव को पहले चरण में ही पकड़ने में मदद करेगा
‘प्रायोरिटी पैथोजन लिस्ट’ से मिलेगा फायदा
ICMR ने इसके साथ एक Priority Pathogen List भी तैयार की है:
- इसमें खतरनाक वायरस, बैक्टीरिया और अन्य रोगजनकों को शामिल किया गया है
- इन्हें 4 कैटेगरी में बांटा गया है
- इससे डॉक्टर और लैब तेजी से सही जांच और इलाज कर सकेंगे
यह लिस्ट महामारी रोकथाम के लिए एक मजबूत आधार मानी जा रही है
डिजिटल प्लेटफॉर्म से रियल-टाइम डेटा
यह सिस्टम Integrated Health Information Platform (IHIP) से जुड़ा है:
- देशभर के अस्पतालों से डेटा रियल-टाइम में मिलेगा
- 30+ बीमारियों की निगरानी संभव
- तेजी से निर्णय लेने में मदद
इससे स्वास्थ्य विभाग को समय रहते एक्शन लेने का मौका मिलेगा
महामारी रोकने में कैसे मदद करेगा?
विशेषज्ञों के अनुसार:
- नई बीमारी के संकेत जल्दी मिलेंगे
- संक्रमण फैलने से पहले कंट्रोल संभव होगा
- हेल्थ सिस्टम पर दबाव कम होगा
- मौतों की संख्या घटाई जा सकती है
ICMR का ‘सिंड्रोमिक सर्विलांस’ सिस्टम भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। यह पहल आने वाली किसी भी महामारी को शुरुआती चरण में पहचानकर उसे फैलने से रोकने में अहम भूमिका निभाएगी।
