मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैरा (Fujairah) इलाके में ईरान द्वारा किए गए ड्रोन और मिसाइल हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए। इस घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए इसे “अस्वीकार्य” (Unacceptable) बताया है और क्षेत्र में बढ़ती हिंसा पर चिंता जताई है।
कैसे हुआ हमला?
रिपोर्ट्स के मुताबिक,
- ईरान ने फुजैरा स्थित ऑयल इंडस्ट्री जोन को निशाना बनाया
- ड्रोन हमले के कारण वहां आग लग गई
- यूएई की सिविल डिफेंस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया
- घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया
यूएई रक्षा मंत्रालय के अनुसार,
- ईरान ने कई क्रूज मिसाइलें दागीं, जिनमें से अधिकांश को इंटरसेप्ट कर लिया गया
- एक मिसाइल समुद्र में गिरी
- यह हमला अप्रैल में हुए सीज़फायर के बाद पहला बड़ा उल्लंघन माना जा रहा है
भारत की कड़ी प्रतिक्रिया
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा:
- यह घटना पूरी तरह अस्वीकार्य है
- क्षेत्र में तुरंत हिंसा रोकने (ceasefire) की जरूरत है
- भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है
यूएई में भारतीय दूतावास ने भी पुष्टि की कि:
- तीनों घायल भारतीयों का इलाज चल रहा है
- स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब:
- ईरान और अमेरिका-इज़राइल के बीच तनाव चरम पर है
- हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर टकराव बढ़ रहा है
- यह इलाका वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम है
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमले:
- वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित कर सकते हैं
- भारत जैसे देशों की अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकते हैं
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हमले
2026 में शुरू हुए ईरान युद्ध के दौरान:
- यूएई पर कई बार ड्रोन और मिसाइल हमले हुए
- ज्यादातर हमले एयर डिफेंस सिस्टम ने नाकाम किए
- लेकिन गिरने वाले मलबे से कई बार नागरिकों को नुकसान हुआ
फुजैरा पर हुआ यह हमला न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि इसमें भारतीय नागरिकों के घायल होने से भारत की चिंता भी बढ़ गई है। भारत ने साफ कर दिया है कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा और क्षेत्र में शांति बहाल करने के प्रयासों का समर्थन करेगा।
