कनाडा की डायमंड माइनिंग कंपनी Mountain Province Diamonds ने अपने बिजनेस को चलाने के लिए एक बड़ा वित्तीय फैसला लिया है। कंपनी ने भविष्य में होने वाली डायमंड बिक्री से मिलने वाली करीब $1 मिलियन (लगभग ₹8.3 करोड़) की आय के अधिकार को बेच दिया है, ताकि तुरंत नकदी जुटाई जा सके।

क्या है पूरा मामला?
कंपनी ने अपने मेजॉरिटी शेयरहोल्डर Dunebridge Worldwide की सहायक कंपनी को:
- भविष्य की $999,999 की डायमंड कमाई के अधिकार
- बदले में $833,000 (लगभग ₹6.9 करोड़) अग्रिम नकद
यह कदम कंपनी की कमजोर वित्तीय स्थिति को देखते हुए उठाया गया है।
Gahcho Kué माइन में हिस्सेदारी
Mountain Province Diamonds के पास कनाडा की प्रसिद्ध Gahcho Kué Mine में 49% हिस्सेदारी है, जबकि बाकी 51% हिस्सेदारी De Beers के पास है।
De Beers का कर्ज पहले चुकाना होगा
हालांकि, इस डील में एक बड़ी शर्त है:
- कंपनी को पहले De Beers का बकाया चुकाना होगा
- तब तक Dunebridge को डायमंड से कोई फायदा नहीं मिलेगा
- De Beers फिलहाल डायमंड बिक्री की आय को “गर्निश” (जब्त) करेगा
लोन चुकाने की समय सीमा बढ़ी
कंपनी ने अपने वित्तीय दबाव को कम करने के लिए:
- $40 मिलियन लोन
- $33 मिलियन वर्किंग कैपिटल
की भुगतान समय सीमा को 30 जून तक बढ़ा लिया है।
Q1 2026 में गिरा रेवेन्यू
31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन कमजोर रहा:
- रेवेन्यू 9% घटकर CAD 40 मिलियन ($29.2 मिलियन)
- औसत डायमंड कीमत 64% गिरकर CAD 47 प्रति कैरेट
- बिक्री वॉल्यूम बढ़कर 858,173 कैरेट
👉 यानी ज्यादा बिक्री के बावजूद कीमतों में भारी गिरावट से नुकसान हुआ।
उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
अच्छी बात यह रही कि:
- उत्पादन बढ़कर 2 मिलियन कैरेट पहुंच गया
- यह कंपनी का रिकॉर्ड क्वार्टरली प्रोडक्शन है
- बेहतर ग्रेड के कारण उत्पादन में उछाल आया
क्यों गिर रही हैं डायमंड कीमतें?
कंपनी के CEO Jonathan Comerford के अनुसार:
- बाजार में छोटे साइज के हाई-ग्रेड डायमंड ज्यादा हैं
- इनकी डिमांड कमजोर है
- वैश्विक डायमंड मार्केट दबाव में है
आगे क्या?
कंपनी अपने पूरे Q1 रिजल्ट 12 मई को जारी करेगी, जिससे निवेशकों को आगे की स्थिति का बेहतर अंदाजा मिलेगा।
Mountain Province Diamonds का यह कदम दिखाता है कि वैश्विक डायमंड बाजार में कमजोरी का असर कंपनियों पर कितना गहरा है। भविष्य की कमाई बेचकर नकदी जुटाना एक अस्थायी राहत है, लेकिन लंबे समय में कंपनी को मजबूत रणनीति की जरूरत होगी।
