दुनियाभर में लग्जरी और दुर्लभ आभूषणों की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी बीच एक प्रतिष्ठित हेरिटेज ज्वेलरी ऑक्शन में करीब 81 करोड़ रुपये मूल्य के दुर्लभ और ऐतिहासिक आभूषणों की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई। इस नीलामी में देश-विदेश के कलेक्टर्स, निवेशकों और हाई-नेटवर्थ खरीदारों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
ऑक्शन में कई दुर्लभ डायमंड नेकलेस, एंटीक ब्रेसलेट, रॉयल स्टाइल जड़ाऊ सेट, विंटेज रिंग्स और हाई-वैल्यू जेमस्टोन ज्वेलरी को शामिल किया गया था। विशेषज्ञों के मुताबिक, हेरिटेज और प्रीमियम ज्वेलरी को अब केवल फैशन नहीं बल्कि एक मजबूत निवेश विकल्प के रूप में भी देखा जा रहा है।
नीलामी के दौरान सबसे अधिक आकर्षण उन आभूषणों ने खींचा जिनमें दुर्लभ प्राकृतिक हीरे और ऐतिहासिक डिजाइन का मिश्रण था। कई ज्वेलरी पीस अनुमानित कीमत से कहीं अधिक कीमत पर बिके, जिससे यह ऑक्शन इंडस्ट्री के लिए एक नया रिकॉर्ड बन गया। विशेषज्ञों का कहना है कि लग्जरी सेक्टर में बढ़ती संपन्नता और यूनिक कलेक्टिबल आइटम्स की मांग इसके पीछे प्रमुख कारण हैं।
डायमंड और प्रीमियम ज्वेलरी मार्केट में पिछले कुछ वर्षों में तेजी देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्राकृतिक हीरों की मांग लगातार बनी हुई है और लिमिटेड एडिशन हेरिटेज पीस को निवेशक लंबे समय तक मूल्य सुरक्षित रखने वाले एसेट के रूप में देख रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में भारत और एशियाई बाजारों में हेरिटेज ज्वेलरी ऑक्शन का ट्रेंड और तेजी से बढ़ सकता है। खासतौर पर दुर्लभ डायमंड ज्वेलरी, रॉयल कलेक्शन और ऐतिहासिक डिजाइन वाले आभूषणों में निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है।
