IPO में बेकाबू Premium का खेल! Fake Apps पर SEBI की सख्ती जरूरी

IPO Grey Market Premium: देश के प्राइमरी मार्केट में लगातार आ रहे IPO और ग्रे मार्केट में असाधारण प्रीमियम को लेकर बाजार विशेषज्ञों और समीक्षकों ने चिंता जताई है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे ऊंचे Grey Market Premium या अफवाहों वाले भाव देखकर जल्दबाजी में निवेश न करें।

Fake Apps और Platforms पर उठे सवाल

हाल के महीनों में IPO के प्रीमियम दिखाने वाले कई फेक ऐप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स सामने आने की बात कही जा रही है। ऐसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए निवेशकों को प्रभावित करने और अन्य अवैध गतिविधियों की आशंका जताई गई है।

मांग है कि जिस तरह SEBI ने अनियंत्रित Finfluencers पर कार्रवाई और नियम सख्त किए हैं, उसी तरह IPO प्रीमियम बताने वाले ऐप्स और प्लेटफॉर्म्स पर भी कड़ा नियमन हो।

IPO Premium के पीछे अवैध गतिविधि की आशंका

प्रीमियम के नाम पर चल रहे इस पूरे नेटवर्क के जरिए IPO Underwriting जैसी अनधिकृत मार्केट गतिविधियां होने की आशंका भी जताई गई है। ऐसे मामलों की जांच की मांग उठ रही है ताकि रिटेल निवेशकों के हितों की सुरक्षा हो सके।

SME IPO और Grey Market पर भी नजर जरूरी

Mainboard के साथ-साथ SME IPOs में भी ग्रे मार्केट और लिस्टिंग को लेकर तेजी देखी गई है। असाधारण प्रीमियम और लिस्टिंग के दौरान भारी उतार-चढ़ाव से किसी बड़े सिंडिकेट की सक्रियता की आशंका भी व्यक्त की जा रही है।

ग्रे मार्केट प्रीमियम देखकर IPO का कई गुना सब्सक्राइब होना और बाद में कमजोर लिस्टिंग से निवेशकों को नुकसान होने के मामले भी चिंता बढ़ा रहे हैं।

निवेशकों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?

सिर्फ Grey Market Premium, सोशल मीडिया पोस्ट या अफवाहों के आधार पर IPO में पैसा लगाना जोखिम भरा हो सकता है। निवेशकों को कंपनी के Fundamentals, Valuation, Financials और IPO Documents देखकर ही फैसला लेना चाहिए।

तेजी के दौर में कमजोर कंपनियों के शेयरों को ऊंचे भाव पर बेचने और बाद में कीमतों के गिरने से रिटेल निवेशकों को नुकसान हो सकता है। इसलिए IPO में निवेश करते समय Premium के बजाय कंपनी की वास्तविक स्थिति पर ध्यान देना जरूरी है।

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