Gold Loan Surge in India: भारत में गोल्ड लोन लेने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। RBI के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई के अंत तक बैंकों और NBFCs के पास सोने के आभूषणों के बदले कुल ₹9.06 लाख करोड़ की बकाया लोन राशि थी। हालांकि, इस आंकड़े में स्थानीय/अनौपचारिक साहूकारों से लिया गया कर्ज शामिल नहीं है।
NBFCs की गोल्ड लोन में 68.9% बढ़ोतरी
जुलाई में NBFCs और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों की गोल्ड ज्वेलरी के बदले लोन में सालाना 68.9% की वृद्धि हुई। जुलाई के अंत में NBFCs का बकाया गोल्ड लोन पोर्टफोलियो करीब ₹3.54 लाख करोड़ रहा।
NBFCs की रिटेल लोन कैटेगरी में गोल्ड लोन सबसे तेजी से बढ़ने वाली श्रेणियों में शामिल रहा। इस दौरान NBFCs का कुल क्रेडिट 14.9% बढ़कर ₹59.89 लाख करोड़ हो गया।
बैंकों की गोल्ड लोन ग्रोथ 88.1%
बैंकों की गोल्ड ज्वेलरी के बदले बकाया लोन में जुलाई में सालाना 88.1% की वृद्धि हुई। जुलाई के अंत में बैंकों का गोल्ड लोन पोर्टफोलियो करीब ₹5.52 लाख करोड़ था।
हालांकि, एक साल पहले बैंकों की गोल्ड लोन ग्रोथ 136.4% थी। यानी गोल्ड लोन का कारोबार बढ़ रहा है, लेकिन इसकी वृद्धि दर पिछले साल के मुकाबले धीमी हुई है।
कर्ज पर बढ़ती निर्भरता का संकेत
RBI के आंकड़े बताते हैं कि सोना अब सिर्फ निवेश या बचत का साधन नहीं, बल्कि जरूरत के समय कर्ज जुटाने का महत्वपूर्ण माध्यम भी बन रहा है। गोल्ड लोन में तेज बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि कई परिवार खर्च और वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी सोने की संपत्ति का इस्तेमाल कर रहे हैं।
वहीं, कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन में भी 51.5% की वृद्धि दर्ज की गई है।
