मुंबई।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में साल 2026 की शुरुआत झटके के साथ हुई है। दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल करेंसी बिटकॉइन में तेज़ गिरावट दर्ज की गई है और इसकी कीमत 90,000 डॉलर के स्तर से नीचे आ गई है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक हालिया फैसले से पहले क्रिप्टो मार्केट में मुनाफावसूली देखने को मिली, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया।
बिटकॉइन के साथ अन्य क्रिप्टो में भी गिरावट

बिटकॉइन के साथ-साथ अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी जैसे इथेरियम, एक्सआरपी, सोलाना और डॉजकॉइन में भी पिछले 24 घंटों में गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों में अनिश्चितता के चलते बाजार में बिकवाली हावी रही।
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ब्याज दरों को लेकर अमेरिका में सख्ती और नियामकीय संकेतों के कारण निवेशकों ने जोखिम से दूरी बनाना शुरू कर दिया है।
क्रिप्टो मार्केट कैप में कमी
गिरावट के कारण कुल क्रिप्टो मार्केट कैप घटकर लगभग 3.12 ट्रिलियन डॉलर रह गया है। हालांकि इससे पहले के हफ्तों में बाजार ने मजबूत तेजी दिखाई थी, लेकिन अब करेक्शन का दौर देखने को मिल रहा है।
ETF और संस्थागत निवेश का असर
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका में बिटकॉइन ETF से जुड़े फैसलों और संस्थागत निवेशकों की रणनीति पर भी बाजार की नजर है। कुछ बड़े निवेशकों द्वारा मुनाफा निकालने से कीमतों पर दबाव बना है।
आगे क्या?
विश्लेषकों के अनुसार, यह गिरावट शॉर्ट टर्म करेक्शन हो सकती है। लंबे समय के निवेशकों के लिए बिटकॉइन की बुनियादी मजबूती अब भी कायम मानी जा रही है। हालांकि, निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी में फैसले न लें और बाजार की दिशा साफ होने का इंतजार करें।
क्रिप्टो बाजार एक बार फिर यह संकेत दे रहा है कि ऊंचे रिटर्न के साथ इसमें जोखिम भी उतना ही बड़ा है।
