ईरान में फंसे अमेरिकी पायलट का फिल्मी रेस्क्यू, ट्रम्प ने की पुष्टि

Iran US War Update:
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच United States ने एक बेहद खतरनाक ऑपरेशन को अंजाम देते हुए अपने वायु सैनिकों को Iran की जमीन से सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।

Donald Trump ने खुद इस ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए इसे अमेरिका के इतिहास का सबसे साहसी रेस्क्यू मिशन बताया है।

✈️ कैसे शुरू हुआ मामला?

यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब अमेरिकी एयरफोर्स का F-15E Strike Eagle शुक्रवार को ईरान के दक्षिणी क्षेत्र में क्रैश हो गया।

इस विमान में दो क्रू मेंबर थे—एक पायलट और दूसरा वेपन सिस्टम्स ऑफिसर। दोनों ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और जमीन पर उतरने के बाद एक-दूसरे से संपर्क बनाए रखा।

⚠️ एक दिन तक दुश्मन इलाके में फंसा सैनिक

पायलट को कुछ ही घंटों में रेस्क्यू कर लिया गया, लेकिन दूसरे क्रू मेंबर को ढूंढना बेहद मुश्किल था।

वह पहाड़ी इलाके में छिपकर ईरानी सुरक्षा बलों से बचता रहा। करीब एक दिन से ज्यादा समय तक वह दुश्मन के इलाके में अकेला रहा, जहां हर पल पकड़े जाने का खतरा था।

🗣️ रेस्क्यू ऑपरेशन पर ट्रम्प का बयान

Donald Trump ने सोशल मीडिया पर लिखा:
“हमने उसे ढूंढ निकाला। यह हमारे इतिहास के सबसे साहसी सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशनों में से एक है।”

उन्होंने बताया कि सैनिक को कुछ चोटें आई हैं, लेकिन वह पूरी तरह ठीक हो जाएगा।

🪖 कैसे हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन?

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस मिशन के लिए स्पेशल फोर्स की कमांडो यूनिट भेजी गई थी।

हवा से भारी फायर कवर दिया गया
जरूरत पड़ने पर एयरस्ट्राइक भी की गई
रेस्क्यू टीम ने भारी फायरिंग के बीच सैनिक तक पहुंच बनाई
🕵️ CIA की अहम भूमिका

इस पूरे ऑपरेशन में Central Intelligence Agency (CIA) की भी अहम भूमिका रही।

CIA ने पहले एक भ्रामक रणनीति अपनाई, जिसमें यह खबर फैलाई गई कि सैनिक पहले ही मिल चुका है। इसके साथ ही अपनी उन्नत तकनीकी क्षमताओं से उसकी सटीक लोकेशन का पता लगाया गया और सेना को जानकारी दी गई।

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