क्रिप्टोकरेंसी और DeFi (Decentralized Finance) सेक्टर एक बार फिर बड़े साइबर हमले का शिकार हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Verus Protocol के Ethereum Bridge को हैक कर लिया गया, जिसमें हैकर्स ने करीब 11.5 मिलियन डॉलर यानी लगभग ₹110 करोड़ की डिजिटल संपत्ति चुरा ली। इस घटना ने एक बार फिर ब्लॉकचेन सुरक्षा और क्रॉस-चेन ब्रिज सिस्टम की कमजोरियों को उजागर कर दिया है।
ब्लॉकचेन सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म्स के अनुसार, हमलावर ने फर्जी क्रॉस-चेन ट्रांसफर मैसेज का इस्तेमाल कर सिस्टम को धोखा दिया और प्रोटोकॉल के रिजर्व फंड्स को अपने वॉलेट में ट्रांसफर करवा लिया।
कैसे हुआ हमला?
ऑन-चेन सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म Blockaid ने बताया कि उसके डिटेक्शन सिस्टम ने इस हमले को ट्रैक किया। Etherscan डेटा के मुताबिक, हमलावर ने:
- 1,625 Ether (ETH)
- 147,659 USDC
- 103.57 tBTC v2
जैसी डिजिटल संपत्तियां ट्रांसफर कीं।
रिपोर्ट के अनुसार, हैकर ने “फोर्ज्ड क्रॉस-चेन इम्पोर्ट पेलोड” यानी नकली ट्रांसफर इंस्ट्रक्शन का इस्तेमाल किया, जिससे सिस्टम को लगा कि ट्रांसफर वैध है। इसके बाद ब्रिज ने अपने रिजर्व से सीधे हैकर के वॉलेट में फंड भेज दिए।
हमले के बाद ETH में बदले गए फंड
ब्लॉकचेन सिक्योरिटी फर्म PeckShield ने बताया कि चोरी किए गए फंड्स को बाद में Ether में स्वैप कर दिया गया। Etherscan के अनुसार, संबंधित वॉलेट में 5,402 ETH मौजूद हैं, जिनकी कीमत 11.4 मिलियन डॉलर से अधिक बताई जा रही है।
सिक्योरिटी प्रोवाइडर ExVul ने भी इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि हमलावर ने ब्रिज के वेरिफिकेशन सिस्टम को बायपास कर तीन अलग-अलग ट्रांसफर अपने वॉलेट में करवाए।
पुराने बड़े DeFi हैक्स जैसी घटना
विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला 2022 में हुए दो बड़े DeFi ब्रिज हैक्स की याद दिलाता है:
- Nomad Bridge Hack – लगभग $190 मिलियन की चोरी
- Wormhole Hack – लगभग $325 मिलियन की चोरी
इन घटनाओं ने पहले ही क्रॉस-चेन ब्रिज की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए थे और अब Verus हमला उसी खतरे को फिर उजागर कर रहा है।
DeFi सेक्टर पर लगातार बढ़ रहा खतरा
पिछले कुछ वर्षों में DeFi प्लेटफॉर्म्स लगातार साइबर हमलों का निशाना बनते रहे हैं। सुरक्षा शोधकर्ता Taylor Monahan ने हाल ही में दावा किया था कि उत्तर कोरिया से जुड़े IT ऑपरेटर्स पिछले सात वर्षों से DeFi प्रोजेक्ट्स में घुसपैठ कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कई हैकर्स DeFi प्रोटोकॉल्स के डेवलपमेंट में भी शामिल रहे हैं, जिससे सुरक्षा जोखिम और बढ़ गया है।
हाल के अन्य बड़े क्रिप्टो हमले
हाल ही में कई बड़े DeFi प्रोटोकॉल्स साइबर हमलों का शिकार हुए हैं:
Drift Protocol Hack
- लगभग $280 मिलियन का नुकसान
- कथित तौर पर DPRK (North Korea) समूह का हाथ
Kelp DAO Attack
- लगभग $293 मिलियन की चोरी
- Restaked Ether (rsETH) बैकिंग प्रभावित
इस हमले के बाद कई DeFi प्रोटोकॉल्स ने मिलकर “DeFi United” पहल शुरू की, ताकि प्रभावित निवेशकों के फंड रिकवर किए जा सकें।
इस पहल में शामिल प्रमुख प्रोटोकॉल:
- Aave
- Lido DAO
- LayerZero
- EtherFi Foundation
- Mantle
- Ethena
निवेशकों के लिए बड़ा सबक
विशेषज्ञों का मानना है कि DeFi प्लेटफॉर्म्स भले ही तेजी से लोकप्रिय हो रहे हों, लेकिन उनकी सुरक्षा अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। खासकर क्रॉस-चेन ब्रिज, जो अलग-अलग ब्लॉकचेन नेटवर्क्स को जोड़ते हैं, साइबर हमलों के लिए सबसे संवेदनशील माने जा रहे हैं।
निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे किसी भी DeFi प्लेटफॉर्म में निवेश से पहले उसकी सिक्योरिटी ऑडिट, ट्रैक रिकॉर्ड और रिस्क फैक्टर्स को अच्छी तरह समझें।
