साइकिल पर ट्यूशन पढ़ाने से करोड़ों के साम्राज्य तक… अब NEET पेपर लीक मामले में ‘M Sir’ गिरफ्तार

देशभर में सुर्खियों में बने NEET-UG 2026 Paper Leak Case मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के चर्चित कोचिंग संचालक और RCC क्लासेस के संस्थापक Shivraj Motegaonkar को गिरफ्तार कर लिया है। शिक्षा जगत में ‘M Sir’ के नाम से मशहूर मोटेगांवकर पर आरोप है कि वे NEET-UG 2026 प्रश्नपत्र लीक नेटवर्क के सक्रिय सदस्य थे।

CBI की यह इस हाई-प्रोफाइल मामले में 10वीं गिरफ्तारी बताई जा रही है। इस कार्रवाई के बाद महाराष्ट्र के कोचिंग सेक्टर और मेडिकल प्रवेश परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

CBI ने पूछताछ के बाद की गिरफ्तारी

CBI के अनुसार, Shivraj Motegaonkar से एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार पूछताछ की गई थी। इसके बाद रविवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

जांच एजेंसी का आरोप है कि 3 मई को आयोजित हुई NEET-UG परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र और उत्तरों को लीक कर छात्रों तक पहुंचाने वाले नेटवर्क में उनकी अहम भूमिका थी।

‘गेस क्वेश्चन’ से खुला बड़ा राज

CBI जांच में RCC क्लासेस द्वारा छात्रों को परीक्षा से पहले दिए गए “Guess Questions” अब जांच का केंद्र बन गए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक:

  • RCC द्वारा बांटे गए केमिस्ट्री के 42 प्रश्न
  • लीक हुए NEET पेपर से काफी हद तक मेल खाते पाए गए

इसके अलावा सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में मोटेगांवकर छात्रों से यह पूछते दिखाई दिए कि उनकी मॉक टेस्ट सीरीज से कितने सवाल असली NEET परीक्षा में आए थे। छात्रों द्वारा “ज्यादातर सवाल” आने की बात कहने के बाद यह वीडियो जांच में महत्वपूर्ण सबूत बन गया।

मोबाइल से मिले लीक प्रश्न?

CBI ने 14 मई को लातूर स्थित मोटेगांवकर के घर पर छापेमारी कर उनका मोबाइल फोन जब्त किया था।

जांच एजेंसी का दावा है कि:

  • मोबाइल में लीक प्रश्नपत्र से जुड़े डेटा मिले
  • परीक्षा से पहले प्रश्न और उत्तर साझा किए गए
  • परीक्षा के बाद सबूत मिटाने के लिए प्रश्नपत्र जलाए या फाड़े गए

उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम 2024 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

रिटायर्ड प्रोफेसर से कनेक्शन की जांच

CBI अब मोटेगांवकर के संबंधों की जांच रिटायर्ड केमिस्ट्री प्रोफेसर P. V. Kulkarni से भी कर रही है, जिन्हें इस मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

बताया जा रहा है कि कुलकर्णी पहले RCC क्लासेस में पढ़ाते थे और दोनों के बीच लंबे समय से संपर्क था।

साइकिल पर ट्यूशन से शुरू हुआ था सफर

Shivraj Motegaonkar की कहानी कभी संघर्ष और सफलता का प्रतीक मानी जाती थी।

  • वे महाराष्ट्र के लातूर के एक साधारण किसान परिवार से आते हैं
  • केमिस्ट्री में M.Sc. गोल्ड मेडलिस्ट हैं
  • शुरुआती दिनों में साइकिल से घर-घर जाकर ट्यूशन पढ़ाते थे
  • 1999 में किराए के कमरे में सिर्फ 10 छात्रों के साथ कोचिंग शुरू की

वे खुद हाथ से नोट्स तैयार करते थे और शांत तरीके से पढ़ाने के लिए मशहूर थे। यही “लातूर पैटर्न” बाद में उनकी पहचान बना।

40 हजार छात्रों का कोचिंग नेटवर्क

आज RCC क्लासेस महाराष्ट्र के सबसे बड़े मेडिकल और इंजीनियरिंग एंट्रेंस कोचिंग नेटवर्क में गिना जाता है।

RCC के सेंटर:

  • लातूर
  • पुणे
  • नासिक
  • छत्रपति संभाजीनगर
  • नांदेड़
  • सोलापुर
  • अकोला
  • कोल्हापुर

हर साल करीब 40,000 छात्र NEET, JEE और CET जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए यहां एडमिशन लेते हैं।

सोशल मीडिया पर भी मोटेगांवकर की बड़ी फैन फॉलोइंग है और इंस्टाग्राम पर उनके 66 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं।

शिक्षा जगत में मचा हड़कंप

CBI की कार्रवाई के बाद महाराष्ट्र के शिक्षा क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आरोप साबित होते हैं, तो यह देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता पर गंभीर असर डाल सकता है।

इस मामले ने एक बार फिर कोचिंग इंडस्ट्री, परीक्षा सुरक्षा और डिजिटल निगरानी व्यवस्था को लेकर बहस तेज कर दी है।

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